मदुरै में फेक ID से होटल में ठहरा हुआ था मंगलुरु ब्लास्ट का आरोपी,जांच में हुआ ये खुलासा…

 मदुरै में फेक ID से होटल में ठहरा हुआ था मंगलुरु ब्लास्ट का आरोपी,जांच में हुआ ये खुलासा…

 

कर्नाटक की जांच टीम ने कई लॉज में ऑटोरिक्शा स्टैंड और गेस्ट लिस्ट की जांच-पड़ताल की. सूत्रों ने बताया कि मदुरै में रहने के लिए शारिक ने एक चाय बेचने वाले के फेक आईडी का इस्तेमाल किया था.

बड़ा खुलासा! मदुरै में फेक ID से होटल में ठहरा हुआ था मंगलुरु ब्लास्ट का आरोपी

फर्जी पहचान के साथ मदुरै में रह रहा था आरोपी
 

मंगलुरु ऑटोरिक्शा ब्लास्ट को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड आरोपी मोहम्मद शारीक घटना से पहले फेक आईडी का इस्तेमाल करके तमिलनाडु के मदुरै में रह रहा था. इस मामले की तफ्तीश कर रही कर्नाटक इन्वेस्टिगेशन टीम को इसकी सूचना मिली है. आरोपी शारीक के मोबाइन फोन से मिली जानकारी के आधार पर इन्वेस्टिगेशन टीम ने मदुरै का दौरा किया था. मदुरै जाने पर टीम को पता चला कि शारीक कई दिनों से फर्जी पहचान के साथ शहर में रह रहा था. जांच टीम के 10 अधिकारियों ने मदुरै के नेताजी रोड का दौरा किया था, जहां लगभग कई लॉज और होटल हैं.

जानकारी के मुताबिक, नेताजी रोड स्थित एक होटल में नवंबर के पहले हफ्ते में शारिक का फोन सिग्नल रजिस्टर्ड हुआ था और वो यहां 15 दिन तक रुका था. टीम ने कई लॉज में ऑटोरिक्शा स्टैंड और गेस्ट लिस्ट की जांच-पड़ताल की. सूत्रों ने बताया कि मदुरै में रहने के लिए शारिक ने एक चाय बेचने वाले के फेक आईडी का इस्तेमाल किया था. वहीं, राज्य के पूर्व मंत्री और AIADMK नेता जयकुमार ने कहा कि NIA को यह पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए कि क्या मंगलुरु ब्लास्ट और कोयंबटूर ब्लास्ट के बीच कोई संबंध था?

ISIS से जुड़े हैं शारीक के तार

जयकुमार ने कहा कि इन दोनों घटनाओं के बीच कनेक्शन है या नहीं, इसका पता एनआईए को लगाना चाहिए. डीएमके के नेता होने के नाते हमें इसको लेकर शक है. क्योंकि ये एकमात्र सरकार थी, जिसे आतंकवाद का समर्थन करने की बात को लेकर भंग कर दिया गया था. इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए. एनआईए को इन सभी बातों पर सोच-विचार करना चाहिए. इससे पहले, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा था कि मंगलुरु विस्फोट के आरोपी मोहम्मद शारीक ने ‘इस्लामिक स्टेट’ (ISIS) से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की ट्रेनिंग ली थी. इतना ही नहीं, उसने इसके बाद 40 से ज्यादा लोगों को इसकी ट्रेनिंग दी थी.

भारत विरोधी पोस्टर के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

करंदलाजे ने आगे कहा कि आरोपी पहले भारत विरोधी पोस्टर लगाए जाने के मामले में पकड़ा गया था. हालांकि तब इसकी गहन जांच नहीं हुई इसलिए वो जमानत पर बाहर आ गया था. उनका इशारा नवंबर 2020 में मंगलुरु शहर में कुछ सार्वजनिक दीवारों पर आतंकवादी समूहों की प्रशंसा करने वाले नारों से संबंधित पोस्टर दिखाई देने की ओर था. इस मामले के संबंध में शारिक को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था. मालूम हो कि मंगलुरु में 19 नवंबर को एक ऑटोरिक्शा में ब्लास्ट हुआ था, जिसे पुलिस ने जांच के बाद आतंकी कृत्य करार दिया था

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