बढ़ती गर्मी के कारण पंजाब में गहराया बिजली संकट, बदला जा सकता है दफ्तरों का समय
पटियाला- पंजाब में बढ़ती गर्मी के कारण पारा 44 डिग्री के पार चला गया है तो वहीं अब प्रदेश के लोगों को लंबे बिजली कटों का सामना भी करना पड़ सकता है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्ज फेडरेशन ने राज्य में गंभीर हो रही बिजली की उपलब्धता व आपूर्ति की स्थिति पर चिंता जताई है। जिसको लेकर फेडरेशन की तरफ से मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा गया है।
कार्यालय का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक
पत्र में कहा गया है कि “पंजाब राज्य में, 2023 के दौरान इसी अवधि की तुलना में 1 से 15 जून, 2024 के बीच बिजली की खपत में 43% की वृद्धि हुई है, जबकि अधिकतम मांग जून 2023 में 11309 मेगावाट से बढ़कर जून 2024 में 15775 मेगावाट हो गई है। पूरे पंजाब राज्य में धान की खेती के कारण जून के अंत तक अतिरिक्त कृषि भार बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बिजली की असहनीय स्थिति पैदा हो सकती है।” “महोदय (पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जिक्र करते हुए), एआईपीईएफ आपको भारत का सबसे कुशल और जनहितैषी मुख्यमंत्री मानता है और इसलिए आपसे अनुरोध करता है कि आप हमारे उपरोक्त पत्र में सूचीबद्ध बिजली खपत को नियंत्रित करने की पहल का नेतृत्व करें। हमारी राय में, यदि नीचे दोहराए गए इन कदमों को तुरंत लागू नहीं किया गया तो स्थिति गंभीर हो जाएगी।”
सुझाए गए कदम इस प्रकार हैं:
– कार्यालय का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाना चाहिए।
– सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मॉल और दुकानें शाम 7 बजे बंद कर दी जानी चाहिए।
– उद्योग पर पीक लोड प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
बिजली से कई दिन तक रहना पड़ सकता है वंचित
फेडरेशन का कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो ग्रिड में गड़बड़ी की पूरी संभावना है और लोगों को बिजली से कई दिन वंचित भी रहना पड़ सकता है। फेडरेशन ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बिजली की मांग नियंत्रित करने के लिए कोई कदम न उठाने पर भी चिंता जताई है। इसके साथ ही फेडरेशन ने राज्य में बिजली चोरी पर चिंता जता सरकार को सुझाव दिया है कि बिजली चोरों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज करें। बता दें कि 2023 में अधिकतम मांग 11,309 मेगावाट थी। अब वह 15,775 मेगावाट है।
धान की रोपाई का बिजली पर असर
धान की रोपाई शुरू होने से बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है। राज्य में बिजली की मांग बढ़ने से कट भी लग रहे हैं। यहां तक कि कई जगह तो आठ घंटे तक के कट भी लगाए जा रहे हैं। यहां तक कि आने वाले समय में लोगों को आठ घंटे से भी ज्यादा लंबे कटों का सामना करना पड़ सकता है और यह संकट कई दिनों तक रहने का भी अनुमान है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक 10 जून को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 12607 मेगावाट, धान सीजन शुरू होते ही 11 जून को बढ़कर 13761 मेगावाट पहुंच गई थी। इसके बाद 12 जून को 14798 मेगावाट, 13 को 15379 मेगावाट और शुक्रवार को 15704 मेगावाट दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि 11 जून को धान की रोपाई शुरू होते ही चार दिनों में बिजली की मांग में 3097 मेगावाट की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।









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