पंजाब में 4 पूर्व मंत्रियों ने भाजपा का दामन पकड़ा तो अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को चेता दी यह बात, कहा- यह तो बस शुरुआत है

पंजाब में 4 पूर्व मंत्रियों ने भाजपा का दामन पकड़ा तो अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को चेता दी यह बात, कहा- यह तो बस शुरुआत है

 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इन सभी को बधाई देते हुए इसे सही कदम बताया। इतना ही नहीं उन्होंने अपरोक्ष रूप से कांग्रेस को चेतावनी देते कहा यह तो बस एक शुरुआत है।

पंजाब के 4 पूर्व मंत्रियों ने भाजपा का दामन थामा तो अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को चेताया, कहा- यह तो बस शुरुआत है
पंजाब में कांग्रेस पार्टी को लगातार झटके लग रहे हैं। वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ में बाद हाल ही में कांग्रेस के चार पूर्व मंत्री और एक पूर्व विधायक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में इनके शामिल होते ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इन सभी को बधाई देते हुए इसे सही कदम बताया। इतना ही नहीं उन्होंने अपरोक्ष रूप से कांग्रेस को चेतावनी देते कहा यह तो बस एक शुरुआत है।

दरअसल, शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में कांग्रेस के चार पूर्व मंत्री और एक पूर्व विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इन नेताओं में पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका, शाम सुंदर अरोड़ा, गुरप्रीत सिंह कांगड़, बलबीर सिंह सिद्धू के अलावा मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह, पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों, और कमलजीत सिंह ढिल्लों शामिल हैं। इसके अलावा अकाली दल से मोहिंदर कौर और सरूप सिंगला ने भी भाजपा का दामन थामा।

इसके बाद कैप्टन अमरिंदर ने इन सभी को बधाई देते हुए अपने एक ट्वीट में लिखा कि इन सभी नेताओं को शुभकामनाएं और इन्होंने सही दिशा में कदम उठाया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि यह तो बस एक शुरुआत है। पंजाब के राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि सुनील जाखड़ के चलते ही यह सभी भाजपा में शामिल हुए हैं। इससे पहले वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

अमरिंदर सिंह का कांग्रेस से बाहर निकलना पंजाब में पिछले साल चुनावों से पहले सबसे बड़े घटनाक्रमों में से एक था। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष किया कि वह अपने नेताओं को बनाए रखने में सक्षम नहीं है। न्यूज एजेंसी एएनआई से सुनील जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस को देखना चाहिए कि ऐसे अनुभवी नेता और कार्यकर्ता पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं। अगर वे देश के प्रति अपनी निष्ठा की प्रतिज्ञा नहीं कर सकते हैं और पार्टी की कमियों को दूर नहीं कर सकते हैं, तो वे विपक्ष होने का दर्जा भी खो सकते हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *