ड्रग तस्करी मामलों पर और सख्त रुख करें एजेंसियों – बड़ी मछलियों धरें…

ड्रग तस्करी मामलों पर और सख्त रुख करें एजेंसियों – बड़ी मछलियों धरें…

 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डीआरआई द्वारा नशीले पदार्थों की जब्ती की खबरें भी लोगों के मन में सवाल उठाती हैं कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कितने जेल गए, और वास्तव में इसके पीछे कौन है.

ड्रग तस्करी पर सख्त सीतारमण ने एजेंसियों से कहा- बड़ी मछलियों को धरें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को प्रवर्तन एजेंसियों से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल ‘बड़ी मछलियों’ पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि बहुत मात्रा में नशीले पदार्थों को कौन भेज रहा है. वह राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के 65वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं. उन्होंने कहा कि राजस्व खुफिया अधिकारियों को प्रत्येक मामले को जल्द से जल्द तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए.

वित्त मंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से तस्कर कुछ सबूत छोड़ देंगे, जिनके आधार पर मुख्य अपराधी तक पहुंचना चाहिए. वित्त मंत्री ने कहा, ”आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि तस्कर आपसे अधिक चालक न हों. हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है. नशीले पदार्थों के पाउच या एक किलोग्राम कोकीन के साथ किसी को पकड़ लेना पर्याप्त नहीं है. देश में नशीले पदार्थों के पहाड़ को कौन भेज रहा है, जो इसके लिए पैसे लगा रहा है… और इसे संभव बना रहा है, उसे पकड़ना होगा.”

गुजरात में फिर पकड़ा गया 143 किलोग्राम ड्रग्स

हाल के महीनों में गुजरात के बंदरगाहों पर भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़े जाने के बीच उनका यह बयान आया है. पिछले हफ्ते गुजरात में लगभग 478 करोड़ रुपये की 143 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी. इससे पहले कई बार भारी मात्रा में ड्रग्स की जब्ती हुई है, जिसमें मुंद्रा पोर्ट पर करोड़ों के हेरोइन की जब्ती शामिल है, जहां 3000 किलोग्राम मात्रा में यह जब्त किया गया था. उन्होंने कहा कि डीआरआई द्वारा नशीले पदार्थों की जब्ती की खबरें भी लोगों के मन में सवाल उठाती हैं कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कितने जेल गए, और वास्तव में इसके पीछे कौन है.

छोटे तस्करों को पकड़ने का फायदा नहीं- वित्त मंत्री

वित्त मंत्री ने कहा, ”आप छोटे-छोटे फेरीवालों, तस्करों, बदमाशों को पकड़ रहे हैं. क्या यह पर्याप्त है? जनता का विश्वास हासिल करने के लिए यह बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है. क्या आप ऐसे मामलों के बड़े संचालकों को पकड़ने में सक्षम हैं, जो पर्दे के पीछे हैं.” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि डीआरआई अधिकारी को मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक समन्वय पर अधिक जोर देना चाहिए.

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