डिप्टी कमिश्नर द्वारा डी.ए.पी.खाद के साथ किसानों को अतिरिक्त सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायत पर गंभीर नोटिस
कहा, डी.ए.पी.खाद में कोई अन्य सामग्री लगाकर बेचने की अनुमति नहीं
निजी विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को दुकानों के बाहर डी.ए.पी खाद के रेट लिख कर लगाने के निर्देश
MBD NEWS(सुमेश शर्मा) जालंधर, 25 अक्तूबर:कुछ निजी विक्रेताओं और सहकारी समितियों द्वारा किसानों को डी.ए.पी. खाद के साथ अतिरिक्त सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने आदेश जारी किए कि कोई भी निजी उर्वरक विक्रेता एवं सहकारी समितियां डी.ए.पी. खाद के साथ कोई अन्य सामग्री नहीं बेचेगी और किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक रेट नहीं लिया जाएगा।
डा.अग्रवाल ने निजी विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को डी.ए.पी. दुकानों के बाहर रेट लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डी.ए.पी प्रत्येक किसान को उसकी खेती एवं डीएपी के अनुसार बेचा जाए। डी.ए.पी. स्टॉक की अनुपलब्धता की स्थिति में एन.पी.के. 12:32:16, 20:20:0:13:, 15:15:15:, 16:16:16:, सुपरफॉस्फेट (सिंगल), ट्रिपल फॉस्फेट आदि के प्रयोग के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए ताकि समय पर गेहूं की बिजाई की जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने सभी ब्लॉक कृषि पदाधिकारियों को खाद्य विक्रेताओं की लगातार जांच करने का निर्देश दिया ताकि किसानों को डीएपी खाद के लिए किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले डीलरों के खिलाफ एफ.सी.ओ. 1985 के तहत उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।








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