गणतंत्र दिवस 2022: परेड में पहली बार होगा 75 विमानों का ‘फ्लाई-पास्ट’

गणतंत्र दिवस 2022: परेड में पहली बार होगा 75 विमानों का ‘फ्लाई-पास्ट’

बयान में कहा गया, ग्रैंड फिनाले और परेड के सर्वाधिक प्रतीक्षित खंड फ्लाई-पास्ट में पहली बार भारतीय वायुसेना के 75 विमान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में दिखेंगे।

  • पहली बार भारतीय वायुसेना ने फ्लाई-पास्ट के दौरान कॉकपिट का वीडियो दिखाने के लिए दूरदर्शन के साथ समन्वय किया है।
  • पहली बार परेड के दौरान राजपथ पर 75 मीटर लंबाई और 15 फुट ऊंचाई के 10 स्क्रॉल प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • पहली बार सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का चयन राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के जरिए किया गया।

 

नयी दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारतीय वायुसेना के 75 विमानों का भव्य फ्लाई-पास्ट, प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित 480 नर्तकों द्वारा सांस्कृतिक प्रदर्शन, 75 मीटर लंबाई के 10 स्क्रॉल का प्रदर्शन और 10 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए जाने जैसे कार्यक्रम बुधवार को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार होंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गणतंत्र दिवस परेड-2022 भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में हो रही है जिसे पूरे देश में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है।

कॉकपिट से पहली बार दिखाया जाएगा वीडियो

बयान में कहा गया, ‘ग्रैंड फिनाले और परेड के सर्वाधिक प्रतीक्षित खंड फ्लाई-पास्ट में पहली बार भारतीय वायुसेना के 75 विमान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में दिखेंगे।’ मंत्रालय ने कहा कि पहली बार भारतीय वायुसेना ने फ्लाई-पास्ट के दौरान कॉकपिट का वीडियो दिखाने के लिए दूरदर्शन के साथ समन्वय किया है। बयान में कहा गया कि राफेल, सुखोई, जगुआर, एमआई-17, सारंग, अपाचे और डकोटा जैसे पुराने और वर्तमान आधुनिक विमान फ्लाई-पास्ट में राहत, मेघना, एकलव्य, त्रिशूल, तिरंगा, विजय और अमृत सहित विभिन्न संयोजन (फॉर्मेशन) का प्रदर्शन करेंगे।

पहली बार प्रदर्शित किए जाएंगे 10 स्क्रॉल
मंत्रालय ने कहा कि पहली बार परेड के दौरान राजपथ पर 75 मीटर लंबाई और 15 फुट ऊंचाई के 10 स्क्रॉल प्रदर्शित किए जाएंगे। बयान में कहा गया, ‘वे (स्क्रॉल) रक्षा और संस्कृति मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘कला कुंभ’ कार्यक्रम के दौरान तैयार किए गए थे।’ ये स्क्रॉल 2 चरणों में भुवनेश्वर और चंडीगढ़ में देशभर के 600 से अधिक प्रसिद्ध कलाकारों और युवा कलाकारों द्वारा चित्रित किए गए थे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पहली बार परेड में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का चयन राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के जरिए किया गया है।

‘480 नर्तकों का चयन किया गया’
बयान में कहा गया है कि प्रतियोगिता ‘वंदे भारतम’ 323 समूहों में लगभग 3,870 नर्तकों की भागीदारी के साथ जिला स्तर पर शुरू हुई थी जिसमें कलाकार नवंबर और दिसंबर में 2 महीने की अवधि में राज्य और जोनल स्तर तक के कार्यक्रमों में पहुंचे। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘अंतत:, 480 नर्तकों का चयन किया गया। वे राजपथ पर परेड के दौरान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।’ रक्षा मंत्रालय ने उल्लेख किया कि परेड को अच्छी तरह से देखने के लिए 10 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए जाएंगे जो 5-5 की संख्या में राजपथ के दोनों ओर स्थापित होंगे।

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