केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट से पूर्व हुई बैठक में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने  मांगा औद्योगिक पैकेज

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट से पूर्व हुई बैठक में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के सीमावर्ती जिलों के उत्थान के लिए 2500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि सीमावर्ती राज्य पंजाब को निवेशकों व उद्योगों को आकर्षित करने के लिए ‘विशेष मामले’ के तौर पर विचारा किया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए पंजाब को 2500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मुहैया करवाया जाए। सीसीएल का मुद्दा उठाते हुए चीमा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा डॉ. रमेश चंद की अध्यक्षता में अधिसूचित की गई सब-कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पंजाब सरकार के 6155 करोड़ रुपये के दावों की स्पष्ट पुष्टि की है। उन्होंने सब-कमेटी की रिपोर्ट द्वारा प्रमाणित पंजाब के सही दावों के अनुसार इस मुद्दे को जल्दी हल करते हुए राज्य को इस बोझ से मुक्त करने की मांग की। उन्होंने पराली न जलाने वाले किसानों की मदद के लिए 1,125 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता की मांग उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पराली जलाने और वायु प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए पहले ही भारत सरकार को धान की पराली के प्रबंधन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च के लिए किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की विनती की थी। राज्य के सरहदी जिलों में पुलिस बल और पुलिस ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 1000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग करते हुए चीमा ने कहा कि राज्य एक शत्रुतापूर्ण पड़ोसी के साथ 550 किलोमीटर लंबी सरहद साझा करता है। इस कारण पेश चुनौतियों के मुकाबले के लिए राज्य को आधुनिक साजो-सामान से लैस अच्छी तरह से प्रशिक्षित पुलिस बल की जरूरत है। चीमा ने सरहदी जिलों में पुलिस बल की दो बटालियनों को पक्के तौर पर तैनात करने के लिए 160 करोड़ रुपये के बजट की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इससे बीएसएफ पर दबाव कम होगा। चीमा ने पवित्र शहर अमृतसर से नई दिल्ली और बठिंडा से नई दिल्ली के लिए वंदे भारत रेलगाडिय़ां चलाने के अलावा राजपुरा-चंडीगढ़ के बीच रेल लिंक स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि राजपुरा और चंडीगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए राज्य सरकार भारतीय रेलवे को अपेक्षित जमीन मुहैया करवाएगी। इससे इलाके के लोगों की काफी पुरानी मांग पूरी हो जाएगी।

केंद्रीय बजट 2023-24 में पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय वित्तमंत्री के सम्मुख जो सुझाव व मांगें रखी हैं वह पंजाब के वर्तमान और भविष्य दोनों दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। पंजाब की सीमाएं पाकिस्तान से लगती हैं और जब से पाकिस्तान अस्तित्व में आया है वह भारत विरुद्ध जो नाकारात्मक लड़ाई लड़ रहा है उसका सबसे अधिक प्रभाव पंजाब पर ही पड़ता है। मामला चाहे 1965 की लड़ाई का हो या कारगिल युद्ध का या नशों की तस्करी और अवैध हथियारों का हो, भारत के शेष भागों से पहले उपरोक्त सभी का दंश पंजाब को ही झेलना पड़ता है।
पाकिस्तान की नापाक हरकतों तथा अतीत की सरकारों की नीतियों के परिणामस्वरूप पंजाब के सीमावर्ती जिले समय के साथ औद्योगिक दृष्टि से पिछड़ते चले गये। समय की मांग है कि पंजाब के सीमावर्ती जिलों को प्रदेश और देश दोनों की सरकारों को विशेष पैकेज देना चाहिए। पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा दिये ज्ञापन पर केंद्र सरकार को गम्भीरता पूर्वक विचार कर सीमावर्ती जिलों के विकास और उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार को इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए कि कृषि क्षेत्र में पंजाब एक तरह से चरम सीमा पर पहुंच चुका है, इसलिए अब पंजाब का विकास प्रदेश का औद्योगिकरण करने से ही होगा।

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