कृषि विभाग की टीमों ने नकोदर में खाद दुकानों की चैकिंग की

 

कृषि विभाग की टीमों ने नकोदर में खाद दुकानों की चैकिंग की

विभिन्न उर्वरकों के 8 नमूने भरे,रिकॉर्ड की भी जांच की

मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों को डी.ए.पी. विकल्प के तौर पर फास्फोरस युक्त अन्य उर्वरकों को अपनाने की सलाह दी

MBD NEWS जालंधर, 20 नवंबर: रबी सीजन के दौरान किसानों के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर डा.हिमांशु अग्रवाल के निर्देश पर चलाए अभियान के तहत आज ब्लॉक नकोदर में खाद विक्रेताओं/डीलरों की दुकानों और गोदामों की चैकिंग की गई।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए मुख्य कृषि अधिकारी डा. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि चैकिंग के दौरान गेहूं और आलू की बुआई के लिए इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उर्वरकों के 8 सैंपल भरने के अलावा उर्वरक भंडारों का रिकॉर्ड भी जांचा गया है। उन्होंने कहा कि भरे गए नमूनों को लेबोरेट्री में टेस्ट के लिए भेजा जाएगा और यदि कोई नमूना फेल पाया जाता है, तो जिम्मेदार उर्वरक विक्रेता/डीलर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर के निर्देशानुसार जिले भर में विभाग की टीमों द्वारा उर्वरक दुकानों की जांच लगातार सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उर्वरक का अनावश्यक भंडारण न हो सके।उन्होंने बताया कि आज की गई चैकिंग के दौरान टीम में कृषि अधिकारी डा. सुरजीत सिंह, कृषि विकास अधिकारी डा.अमरीक सिंह व विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि चैकिंग के दौरान उर्वरक विक्रेता अपने स्टॉक का पूरा रिकार्ड रखें, स्टॉक बोर्ड पर प्रतिदिन उर्वरक का स्टॉक एवं मूल्य लिखें, अनावश्यक वस्तुओं को उर्वरक के साथ टैग न करें तथा किसानों को बेची गई वस्तुओं का बिल निश्चित दें।
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा और यदि कोई उर्वरक विक्रेता/डीलर बिना बिल के उर्वरक, दवा या बीज बेचता पाया गया तो खाद कंट्रोल ऑर्डर 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डा.रणधीर सिंह ने किसानों को रबी की फसल लगाने के लिए डीएपी के विकल्प का प्रयोग करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि डी.ए.पी के विकल्प के तौर पर किसान ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (0:46:0), एन.पी.के. (12:32:16), सिंगल सुपर फॉस्फेट एन.पी.के, (16:16:16), नाइट्रो फॉस्फेट (20:20:13) और अन्य फॉस्फोरस युक्त उर्वरकों का प्रयोग कर डी.ए.पी. पर अपनी निर्भरता कम कर सकते है।
उन्होंने किसानों से उर्वरक, कीटनाशक रसायन या बीज खरीदते समय दुकानदार से बिल लेने की भी अपील की।

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