किसान आंदोलन: शंभू बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं किसान, 20 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी साथ
हरियाणा सरकार ने 7 जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली में 15 फरवरी तक इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश जारी किया है. इसके अलावा राजस्थान में तीन जिलों श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, हनुमानगढ़ में इंटरनेट बंद और 15 जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है. दरअसल मंगलवार को प्रदर्शन के बाद आज फिर किसानों ने दिल्ली की ओर कूच करने का ऐलान किया है.
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ये आज की नहीं 75 साल पुरानी मांग है- किसान नेता सरवन सिंह पंधेर
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर कहा है कि ये कोई नई मांग नहीं बल्कि पिछले 75 सालों से ये मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने 2 साल पहले किसानों की मांग को मान लिया था लेकिन अब सरकार फिर से उन्हीं मांगों के लिए समय मांग रही है. सरवन सिंह ने कहा कि किसानों पर किए गए बल प्रयोग में कई किसान जख्मी हो गए हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह का बल प्रयोग बंद किया जाना चाहिए, लोकतांत्रिक देश में एसा नहीं होता है.
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शंभू बॉर्डर पर करीब 8 से 10 हजार लोग मौजूद
हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर करीब 8 से 10 हजार लोग मौजूद हैं, वहीं डेढ़ से 2 हजार ट्रैक्टर-ट्रालियां है. पुलिस ने साफ कह दिया है कि किसी भी कीमत पर किसानों को बॉर्डर पार नहीं करने दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि रात में किसानों ने शराब पीकर बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की. खनौरी बॉर्डर पर पैरामिलिट्री और आरपीएफ के साथ ही हरियाणा पुलिस भी तैनात है.
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पुलिस और अर्धसैनिक बलों के पांच हजार से अधिक जवान तैनात
दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दिया था और अपनी सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया. सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों जैसे निगरानी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीकरी, सिंघू और गाजीपुर सीमा क्षेत्रों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 5,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है.








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