कनाडा सरकार के फैसले से भारतीयों को लगा एक और झटका, अब नहीं होगी PR!

कनाडा सरकार के फैसले से भारतीयों को लगा एक और झटका, अब नहीं होगी PR!

 

नई दिल्ली- कनाडा में पक्के होने को लेकर अब भारतीयों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। कनाडा सरकार द्वारा अब लेबर मार्किट इंपेक्ट असेस्मेंट (LMIA) को भी बंद किया जा रहा है। इसके साथ कनाडा में पक्का होना और भी मुश्किल हो जाएगा। पिछले दिनों कनाडा सरकार ने पीआर करने की दर को भी घटाने का ऐलान किया था।

इसके साथ ही कनाडा सरकार ने अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने की प्लानिंग शुरू कर दी गई है। कनाडा की इस सख्ती का सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबियों को होगा। इमीग्रेशन मंत्री मार्क मिलर के हवाले से आई मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा में पक्की रिहायश (पीआर) के लिए एलएमआईए की बड़े स्तर पर दुरूपयोग हो रहा है। इस लिए फैडरल सरकार द्वारा एलएमआईए के ज़रिए मिलने वाले 50 अंक की सुविधा खत्म करने पर भी विचार कर रही है।

लोगों से हो रही ठगी
लेबर मार्किट इंपेक्ट असेसमेंट के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है और इस दस्तावेज के लिए 60 से 70 हज़ार डालर तक की मांग की जा रही है। इसके मद्देनज़र कनाडा सरकार इमीग्रेशन नियमों में सख्ती करने के लिए मजबूर हो रही है। सोशल मीडिया के ज़रिए ठग एजेंटो द्वारा एलएमआईए के ज़रिए यकीनी पीआर के दावे भी किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक फर्जी नौकरियों के लिए एलएमआईए तैयार करवाए जाते हैं और नौजवानों को बड़े स्तर पर आर्थिक शोषण किया जाता है। इस समय कैनेडियन पीआर के लिए सीआरएस स्कोर 500 से ज्यादा चल रहा है और एलएमआईए से 50 से ज्यादा अंक पीआर दिलवाने के लिए कारगार साबित होते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में इसकी सुविधा का प्रयोग ठगी के लिए किया जाता है। हालांकि इस वक्त आवेदक को एक एलएमआईए के लिए 50 अंक या एक्सप्रेस ऐंटरी प्रणाली के अधीन प्रंबंधन के लिए 200 अंक प्राप्त कर सकते हैं।

पिछले दिनों मार्क मिलर ने वर्क परमिट की निर्धारित अवधि में बढ़ौतरी के लिए ब्रैमपटन में धरना पर बैठे छात्रों को चौकस करते हुए कहा की स्टडी वीज़ा से कनाडा पीआर तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है। कोई छात्र ये सोच कर कनाडा न आए कि उन्हें यकीनी तौर पर पीआर मिलेगी। मार्क मिलर की तरफ से पिछले दिनों इंटरनेशनल स्टूडैंट के फायदे के लिए कई ऐलान किए गए जिसमें सप्ताह में काम करने का समय 20 घण्टे से बढ़ा कर 24 घण्टे कर दिए गए और साथ ही कॉलेज बदलने के सूरीत में नए सिरे से स्टडी वीज़ा अर्जी दाखिल करने का नियम भी लागू किया गया।

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