एलियंस या चीन का था कोई जासूसी ड्रोन? इंफाल एयरपोर्ट के ऊपर से आखिर किसने भरी उड़ान

एलियंस या चीन का था कोई जासूसी ड्रोन? इंफाल एयरपोर्ट के ऊपर से आखिर किसने भरी उड़ान

 

 

मणिपुर के इंफाल एयरपोर्ट पर रविवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया जब आसमान में कोई संदिग्ध चीज उड़ान भरते हुए नजर आई. आनन-फानन में एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था और कई विमानों को डायवर्ट भी कर दिया गया. संदिग्ध वस्तु क्या थी इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन चीन की ओर से की जा रही जासूसी की चर्चा जरूर शुरू हो गई है.

मणिपुर के इंफाल में एयरपोर्ट कंट्रोलर्स को कुछ ऐसी चीजें दिखाई दीं, जिसके बाद हवाई अड्डे पर हाई अलर्ट घोषित करना पड़ा. तीन फ्लाइट्स को रोका गया और वहां लैंड करने वाली दो फ्लाइट्स को कोलकाता की तरफ डायवर्ट कर दिया गया. शुरुआती रिपोर्ट्स की मानें तो यह अज्ञात वस्तु कुछ और नहीं बल्कि यूएफओ हो सकती है. अब सवाल ये है कि इस बात में कितनी सच्चाई है? क्या सच में एलियंस का अस्तित्व है? या फिर वो चीन का कोई जासूसी ड्रोन था.

दुनिया में कई बार लोग एलियन और यूएफओ को देखने का दावा कर चुके हैं. सालों से वैज्ञानिक इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है. इसे लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग ने आसमान में नजर आने वाले यूएफओ के रहस्य से पर्दा उठाया है. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने बीते कुछ सालों में सैकड़ों यूएफओ वीडियो और फोटो की जांच की है. आइए जानते हैं कि इस जांच में क्या खुलासा हुआ है.

अमेरिकी खुफिया एजेंसियोंके मुताबिक, यूएफओ (UFO) या एलियंस (Aliens) नहीं हैं. अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यूएफओ केवल विदेशी सर्विलांस ऑपरेशन या हवा में तैरने वाली चीजें हैं. अमेरिकी सरकार अब यूएफओ को यूएपी कहती है. अमेरिका अधिकारियों का कहना है कि कई यूएपी घटनाओं की पहचान आधिकारिक तौर पर सामान्य चीनी सर्विलांस ड्रोन के तौर पर हुई है.

अमेरिका चीन पर लगा चुका है गंभीर आरोप

अमेरिका का आरोप है कि चीन ने पहले अमेरिकी एडवांस फाइटर प्लेन की योजना को चुरा लिया था और अब वह अमेरिकी पायलटों को कैसे ट्रेनिंग दी जाती है यह जानना चाहता है. इसी साल फरवरी में चीनी जासूसी गुब्बारे को अमेरिकी सेना ने अपने हवाई इलाके में घुसते वक्त गिरा दिया था. अमेरिकी सेना के अनुसार, गुब्बारे का आकार तीन बसों के बराबर था.

गुब्बारे के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसपर सिग्नल लगे हुए थे, जो खुफिया जानकारी इकट्ठे करने के काम आता है. जासूसी गुब्बारे में कई एंटीना थे, जिससे भूमि की पहचान की जा सकती थी. हालांकि, अमेरिका के आरोपों पर चीन ने कहा था कि वह एक नागरिक हवाई जहाज था, जिसका इस्तेमाल मौसम की जांच के लिए किया जाता है.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *