बालवाटिका में बच्चों को मिलने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; पूछा- मोदी जी को जानते हो? आगे से मिला ये जवाब

बालवाटिका में बच्चों को मिलने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; पूछा- मोदी जी को जानते हो? आगे से मिला ये जवाब

 

देश की नई शिक्षा नीति के तहत सरकार मासूम बच्चों को स्कूल में प्रवेश लेने से ठीक पहले एक साल के लिए बाल वाटिका में भेजने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल में प्रवेश करने से पहले बच्चों को मानसिक तौर पर मजबूत और स्वस्थ बनाना है.

बालवाटिका में बच्चों के बीच पहुंचे PM, पूछा- मोदी जी को जानते हो? मिला ये जवाब

दिल्ली में मेरी वाटिका में बच्चों के बीच पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली के प्रगति मैदान पहुंचे हुए थे. जहां, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की लॉन्चिंग के 3 साल पूरे होने पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम के उद्घाटन से ठीक पहले पीएम मोदी परिसर में ही बने बालवाटिका पहुंचे और मासूम बच्चों के साथ काफी देर तक आनंद के पल बिताए. पीएम मोदी ने बाल वाटिका में छोटे बच्चों से मिलते हुए एक वीडियो भी शेयर किया है. वीडियो में वाटिका के छोटे-छोटे बच्चे प्रधानमंत्री को मोदी-मोदी जी पुकारते हुए नजर आ रहे हैं.

पीएम मोदी ने बालवाटिका का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है, ‘मासूम बच्चों के साथ आनंद के कुछ पल! इनकी ऊर्जा और उत्साह से मन उमंग से भर जाता है’. वीडियो में दिख रहा है कि पीएम मोदी जैसे ही बाल वाटिका में प्रवेश करते हैं सब बच्चे उन्हें नमस्ते मोदी जी, नमस्ते मोदी जी करने लगते हैं. इसके बाद पीएम मोदी उनके पास जाते हैं और उनसे बात करने लगते हैं. पीएम बच्चों से पूछते हैं कि क्या आप लोग मोदी जी को जानते हो?

इतनी ही देर में एक बच्चा बोलता है कि मोदी जी हमने आपको टीवी पर देखा है. फिर पीएम मोदी पूछते हैं कि टीवी पर मैं क्या कर रहा था? तब तक बच्चा कुछ और बोलने लगता है. एक मिनट के वीडियो में बच्चे पीएम मोदी को पेटिंग बनाकर दिखाते हुए भी नजर आ रहे हैं. बीच-बीच में पीएम मोदी बच्चों से सवाल-जवाब भी करते नजर आ रहे हैं.

 

बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक में प्रवेश करने से ठीक पहले बच्चों को एक साल के लिए बालवाटिका में भेजा जा रहा है. बालवाटिका स्कूल की ही तरह है, लेकिन यहां बच्चों को एक ऐसे माहौल में ढाला जाता है ताकि जब उनका एडमिशन पहली कक्षा में हो तो उनके दिमाग पर ज्यादा जोर न पड़े. बालवाटिका में उनके पढ़ने से लेकर खेलने तक की पूरी व्यवस्था रहती है.

स्कूलों या फिर आंगनवाणी केंद्रों में बालवाटिका स्थापित किए जाने के पीछे का मूल उद्देश्य बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य एवं उनकी खुशहाली को बनाए रखना, बच्चे प्रभावशाली कम्यूनिकेटर बनें और सीखने के प्रति उनके उत्साह को जागृत किया जा सके.

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