जानें किस राज्य में DG जेल की गला रेतकर हुई हत्या, आतंकी संगठन TRF ने ली जिम्मेदारी

जानें किस राज्य में DG जेल की गला रेतकर हुई हत्या, आतंकी संगठन TRF ने ली जिम्मेदारी

जम्मू : जम्मू कश्मीर में उधेयवाला इलाके में सोमवार देर रात महानिदेशक रैंक के एक पुलिस अधिकारी की कांच की बोतल से गला रेतकर हत्या कर दी गई। साथ ही पेट और बाजू पर कई वार किए। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जेल हेमंत कुमार लोहिया गजानसू क्षेत्र के उधेदवाला में अपने दोस्त के घर पर मृत पाए गए। हत्यारे ने शरीर पर केरोसिन छिड़क कर जलाने की भी कोशिश की। हत्या की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है।

टीआरएफ ने बयान जारी कर कहा कि हमारे स्पेशल स्क्वायड ने जम्मू के उदयवाला में खुफिया ऑपरेशन को अंजाम देते हुए डीजी पुलिस जेल एचके लोहिया की हत्या कर दी। आतंकी संगठन ने कहा कि यह हाई प्रोफाइल ऑपरेशन्स की शुरुआत है। यह हिंदुत्व शासन और उनके सहयोगियों को चेतावनी है कि हम कहीं भी किसी पर भी हमला कर सकते हैं। यह गृह मंत्री को उनके दौरे से पहले छोटा सा गिफ्ट है। हम भविष्य में ऐसे ऑपरेशन्स जारी रखेंगे।

मुकेश सिंह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जम्मू, ने कहा कि वारदात का शक डीजीपी लोहिया के ही हेल्पर पर जा रहा है, जो सीसीटीवी फुटेज में वारदात के बाद भागता नजर आया है। डीजीपी के फरार नौकर की पहचान रामबन निवासी यासिर के रूप में हुई है। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। फोरेंसिक टीम और अपराध टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने शव बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

दरअसल, दोमाना क्षेत्र के उदयवाला में डीजीपी लोहिया दोस्त संजीव खजूरिया के घर पत्नी के साथ गए थे। डीजीपी के दोस्त संजीव खजूरिया का भाई राजू खजूरिया पुलिस में एसपीओ है, जो फिलहाल संजीव का पीएसओ भी है। उससे पुलिस पूछताछ कर रही है।

बताया जा रहा है कि खाना खाने के बाद उन्होंने घरेलू नौकर यासिर को मसाज करने के लिए कहा। इसके बाद दोनों कमरे में चले गए। कुछ देर बाद डीजीपी की चीख सुनकर दोस्त तथा उसके परिवार वाले नीचे आए। पाया कि दरवाजा अंदर से बंद था। उसे तोड़कर वे कमरे में दाखिल हुए तो डीजीपी को रक्तरंजित हालत में पड़े पाया। उनके गला रेतने समेत शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से वार के निशान थे। पेट पर भी चोट के निशान मिले। सिर भी जला हुआ था।

सूत्रों ने बताया कि डीजीपी की गला रेतकर हत्या के बाद तकिये और कपड़े पर केरोसीन से आग लगाकर शव को जलाने की कोशिश की गई। वहीं, बताते हैं कि कमरे का दरवाजा जब तोड़ा गया तब तक यासिर पीछे के दरवाजे के रास्ते भाग निकला था।

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