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CBSE ने एक विशेष वेबिनार के माध्यम से बताए दो बोर्ड परीक्षाओं के नियम, 10वीं का दूसरा बोर्ड एग्जाम नहीं दे पाएंगे ये छात्र

CBSE ने एक विशेष वेबिनार के माध्यम से बताए दो बोर्ड परीक्षाओं के नियम, 10वीं का दूसरा बोर्ड एग्जाम नहीं दे पाएंगे ये छात्र

 

नई दिल्ली- नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएँ साल में दो बार आयोजित की जाएँगी। इस बदलाव को लेकर छात्रों और अभिभावकों में लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी संदर्भ में CBSE की ओर से एक विशेष वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें बोर्ड के चेयरमैन ने सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी और भ्रम दूर किया।

ज्यादा चर्चा और समीक्षा के बाद हुआ फैसला
सीबीएसई चेयरमैन ने बताया कि बोर्ड के पास कई विकल्प थे। पहला विकल्प था सेमेस्टर सिस्टम, जिससे कोर्स का बोझ कम किया जा सकता था, लेकिन इससे परीक्षा प्रबंधन और मूल्यांकन में कई चुनौतियाँ आतीं। इसीलिए व्यापक चर्चा और कई बैठकों के बाद फैसला किया गया कि छात्रों का तनाव कम करने और उन्हें दो अवसर देने के लिए परीक्षा वर्ष में दो बार कराई जाए।

दो बोर्ड परीक्षाओं के मुख्य नियम ऐसे होंगे
– पहली बोर्ड परीक्षा मुख्य परीक्षा मानी जाएगी और सभी छात्रों के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य होगा।
– यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन से कम विषय देता है, तो वह दूसरी परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं होगा।
– दूसरी बोर्ड परीक्षा उन्हीं विषयों की होगी, जिनमें 50% से अधिक एक्सटर्नल असेसमेंट होता है।
– प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट केवल एक बार—पहली परीक्षा के साथ ही कराए जाएँगे। इन्हें दोबारा आयोजित नहीं किया जाएगा।

दूसरी परीक्षा के लिए कब खुलेगी विंडो?
चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि पहली बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल में घोषित किया जाएगा। इसके 10–15 दिन बाद दूसरी परीक्षा के लिए विकल्प चुनने की विंडो खुल जाएगी। दूसरी परीक्षा के नतीजे जून के अंत तक जारी कर दिए जाएँगे। इसके बाद छात्रों के एडमिशन प्रोसेस को सुचारू रूप से शुरू किया जा सकेगा।

सीबीएसई की तरफ से 10वीं बोर्ड के छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया है। किसी भी तरह की जानकारी और सवाल के लिए छात्र या उनके पेरेंट्स वॉट्सऐप नंबर 7906627715 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा info.exam@cbseshiksha.in पर मेल करके भी जानकारी ली जा सकती है।