अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, सेवा अवधि में 2 साल का किया विस्तार, आर्म्ड फोर्सेज में स्थायी समायोजन का मिलेगा मौका
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक और बड़ा नीतिगत फैसला किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल राजा सुब्रमणि ने औपचारिक जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीरों के सेवा काल (इंगेजमेंट पीरियड) को दो साल और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सशस्त्र बलों में उनके स्थायी समायोजन (एब्जॉर्प्शन) के लिए भी व्यापक रास्ता तैयार किया गया है। दो साल की विस्तारित अवधि पूरी होने के उपरांत निष्पक्ष व वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया के जरिए उन्हें सेना में नियमित सैनिक के तौर पर भर्ती होने का सीधा अवसर प्राप्त होगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी, सभी अग्निवीरों के स्थायी समायोजन का खुला रास्ता
सीडीएस जनरल राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय कैबिनेट ने इस नए ढांचे को हरी झंडी दे दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी अग्निवीरों को आर्म्ड फोर्सेज में समाहित करने के लिए एक पारदर्शी और व्यावहारिक मंच प्रदान करना है। सरकार के इस कदम से उन युवाओं को भारी राहत मिलेगी जो चार साल की शुरुआती सेवा अवधि के बाद अपने सैन्य करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। अब नए प्रावधानों के तहत सैनिकों को अपनी दक्षता और सैन्य कौशल साबित करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
25 फीसदी को मेरिट पर नियमित सेवा, शेष 75 फीसदी को 2 साल का अतिरिक्त ऑफर
नई व्यवस्था के तहत चार साल की प्रारंभिक सेवा पूर्ण होने पर योग्यता और मेरिट सूची के आधार पर शीर्ष 25 प्रतिशत अग्निवीरों को तुरंत सेना में नियमित सैनिक के रूप में शामिल कर लिया जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से बाहर करने के बजाय उन्हें 2 वर्ष के अतिरिक्त इंगेजमेंट पीरियड का सीधा प्रस्ताव दिया जाएगा। इस विस्तारित कार्यकाल के दौरान वे सेना में अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे।
निर्धारित चयन प्रक्रिया के बाद बाकी जवानों को भी सेना में खपाने की योजना
सीडीएस ने जोर देकर कहा कि 2 वर्ष का विस्तारित कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन जवानों के लिए भी सशस्त्र बलों के द्वार बंद नहीं होंगे। इस अवधि के समापन पर एक सुव्यवस्थित चयन प्रक्रिया और निर्धारित मापदंडों के आधार पर अग्निवीरों का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा और पात्र जवानों को आर्म्ड फोर्सेज में नियमित तौर पर समाहित किया जाएगा। सरकार के इस दूरगामी फैसले से जहां सेना की तकनीकी और जमीनी कार्यकुशलता में अनुभवी जवानों की निरंतरता बनी रहेगी, वहीं देश सेवा का जज्बा रखने वाले युवाओं का भविष्य भी पूरी तरह सुरक्षित होगा।











