दीपावली से पहले पंजाब पुलिस ने बड़ाई सख्ती , 11 तस्कर गिरफ्तार, 32 कारतूस, 12 पिस्तौल-2 हैंड ग्रेनेड भी बरामद
अमृतसर: पंजाब में अवैध हथियारों और नशे की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन अलग-अलग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 अवैध पिस्तौल, 2 हैंड ग्रेनेड, 33 जिंदा कारतूस और 310.10 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में इन नेटवर्क के तार विदेशों में बैठे हैंडलरों और गैंगस्टरों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
ड्रोन के जरिए भारत पहुंचाए जाते थे हथियार और नशा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। ये हैंडलर कथित तौर पर ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भारत भेजते थे। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के सदस्य इन खेपों को आगे आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुंचाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का इस्तेमाल इलाके में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब विदेशी हैंडलरों और स्थानीय आरोपियों के बीच संपर्क के तरीकों तथा सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है।
रंगदारी के लिए डराने और फायरिंग करने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों का इस्तेमाल लोगों को धमकाने और रंगदारी वसूलने के लिए करते थे। बताया जा रहा है कि जबरन वसूली की मांग पूरी नहीं होने पर कुछ लोगों के घरों और दुकानों को निशाना बनाकर फायरिंग की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन घटनाओं के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और बरामद हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया गया। इसके साथ ही हथियारों की सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान भी की जा रही है।
तीन पुलिस थानों में दर्ज हुई एफआईआर
इस पूरे मामले को लेकर अमृतसर के तीन अलग-अलग पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें थाना रणजीत एवेन्यू, थाना छेहरटा और थाना सुल्तानविंड शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि अवैध हथियारों और नशे की सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।











