जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर के चंदवाजी इलाके में सोमवार (29 जून) को एक बेहद खौफनाक हादसा सामने आया है। यहां ताला मोड़ के पास स्थित अरावली पैलेस में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक निर्माणाधीन दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में मौके पर काम कर रहे कई मजदूर भारी मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासन का राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं अभागे मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस जानलेवा हादसे का शिकार हुए मजदूर मूल रूप से झारखंड और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो यहां रोजी-रोटी कमाने के लिए आए थे। आपदा राहत दल (रेस्क्यू टीम) ने कड़ी मशक्कत के बाद अब तक तीनों अभागे मजदूरों के शव मलबे से बाहर निकाल लिए हैं। मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल है और स्थानीय प्रशासन मशीनों की मदद से तेजी से मलबा हटाने में जुटा हुआ है ताकि अगर कोई और मजदूर अंदर फंसा हो, तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
लंच टाइम ने बचा ली दर्जनों जिंदगियां, वरना मच जाती भारी तबाही
इस भयानक हादसे में एक बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस वक्त यह निर्माणाधीन दीवार ढही, उस समय अधिकांश मजदूर वहां मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि काम करने वाले ज्यादातर मजदूर घटना के वक्त लंच (दोपहर का खाना) करने के लिए साइट से थोड़ी दूर गए हुए थे और दीवार के पास महज 5 से 6 मजदूर ही मौजूद थे। यही वजह रही कि इस हादसे में जनहानि अपेक्षाकृत काफी कम हुई, वरना अगर सभी मजदूर वहां मौजूद होते तो मौतों का यह आंकड़ा रूह कंपा देने वाला हो सकता था।
पूरे इलाके की हुई घेराबंदी, हादसे के कारणों की जांच शुरू
दीवार गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल की टीमें फौरन मौके पर पहुंच गईं और पूरे घटनास्थल के आस-पास सुरक्षा घेरा बना दिया है। प्रशासन का पूरा फोकस इस वक्त रेस्क्यू ऑपरेशन को जल्द से जल्द पूरा करने पर है। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। इसके साथ ही पुलिस ने दीवार गिरने के कारणों की भी गहनता से जांच शुरू कर दी है, ताकि इस लापरवाही के पीछे के असली जिम्मेदारों का पता लगाया जा सके।









