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‘ऑपरेशन सिंदूर’ ki सफलता ; रावलपिंडी से लेकर जैकोबाबाद तक ग्यारह एयरबेस 90 मिनट में हुए तबाह

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ki सफलता ; रावलपिंडी से लेकर जैकोबाबाद तक ग्यारह एयरबेस 90 मिनट में हुए तबाह

 

भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने बताया कि भारत ने कैसे 90 मिनट में पाकिस्तानी एयरफोर्स की कमर तोड़ कर रख दी. एक्स पोस्ट पर भारतीय सेना को सलाम करते हुए मालवीय ने सिलसिलेवार तरीके से एयरबेस तबाही की कहानी बयां की है.

 

 

'जीत ऐसी ही दिखती है', रावलपिंडी से लेकर जैकोबाबाद तक ग्यारह एयरबेस 90 मिनट में हुए तबाह

 

नई दिल्ली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सफलता के नए सोपान तक पहुंचाने का काम भारतीय सेना के संयुक्त प्रयास से संभव हुआ. एक दो नहीं बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं पर मौजूद 11 एयरबेस को महज 90 मिनट में तबाह-ओ-बर्बाद कर दिया गया. ये सब कुछ बेहद सोची समझी रणनीति का हिस्सा था. भारत की दहाड़ दुनिया ने सुनी. बड़ी सहजता, बुद्धिमता और चपलता से सेना ने जो किया उसे भाजपा ने सैल्यूट किया है.

भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने बताया कि भारत ने कैसे 90 मिनट में पाकिस्तानी एयरफोर्स की कमर तोड़ कर रख दी. एक्स पोस्ट पर भारतीय सेना को सलाम करते हुए मालवीय ने सिलसिलेवार तरीके से एयरबेस तबाही की कहानी बयां की है.

 

भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान

पोस्ट में लिखा है- “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने प्रमुख पाकिस्तानी एयरबेस पर 90 मिनट तक टारगेट अटैक किया. इन हमलों ने पाकिस्तान की श्रेष्ठता के दावे को मटियामेट कर दिया. इन सटीक हमलों ने पाकिस्तान की हवाई श्रेष्ठता बनाए रखने, राष्ट्रीय सुरक्षा का समन्वय करने और किसी भी सटीक जवाबी कार्रवाई को अंजाम देने की क्षमता को नष्ट कर दिया. प्रत्येक बेस ने एक महत्वपूर्ण कार्य किया, और इसके विनाश ने पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक क्षति पहुंचाई

 

भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान के 11 एयरबेस को तबाह कर दिया, जिसके बाद पाकिस्‍तान की वायुसेना का लाचार होना लाजिमी था. भारत के जवाबी हमलों में में नूर खान/चकलाला एयरबेस (रावलपिंडी), पीएएफ बेस रफीकी (शोरकोट), मुरीद एयरबेस (पंजाब), सुक्कुर एयरबेस (सिंध), सियालकोट एयरबेस (पूर्वी पंजाब), पसरूर एयरस्ट्रिप (पंजाब), चुनियन (रडार/सहायता स्थापना), सरगोधा एयरबेस (मुशफ बेस), स्कार्दू एयरबेस (गिलगित-बाल्टिस्तान), भोलारी एयरबेस (कराची के पास) और जैकोबाबाद एयरबेस (सिंध-बलूचिस्तान) को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया.