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आवां मुहल्ला में गुंडागर्दी का नगा नाच करने वाले अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही थाना नंबर 3 की पुलिस..

आवां मुहल्ला में गुंडागर्दी का नगा नाच करने वाले अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही थाना नंबर 3 की पुलिस..

MBD NEWS जालंधर/ब्यूरो/29 फरवरी 2026 जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के थाना नंबर 3 के अधीन आते आवां मोहल्ला में युवक और उसकी मां पर तेजधार हथियारों से हमला करने वालों के खिलाफ थाना नंबर 3 में दर्ज हुई एफ. आई. आर. नंबर 06/2026 में 115(2), 118(1), 351(2), 190, 191 (3) के साथ हत्या की कोशिश, 117 (2) और एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा 21-61-85 भी जोड़ दी गई है लेकिन थाना नंबर 3 की पुलिस हत्या के प्रयास के मामले में वांटेड नामवर अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।

पुलिस से वांटेड चल रहे जतिंदर कुमार साबी बावा, निक्का कश्यप उर्फ रिशू, विशाल शर्मा निवासी अमरीक नगर पर पहले भी जालंधर के थाना नंबर तीन और थाना नंबर चार के साथ थाना रामा मंडी में तीन से चार मामले दर्ज है। जो नामवर अपराधियों को लिस्ट में आते है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में मुनीष गिल मेषा जिसे चिट्टे का किंगपिन माना जा रहा है जिसे पुलिस ने 260 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा है उस पर एन. डी.पी.एस के पहले भी मामले दर्ज है तथा उक्त यह सभी आरोपी मेषा की गैंग के सदस्य हैं जो उस के साथ नशे के कारोबार से लेकर गैंगवार अपराधी गतिविधियों को अंजाम देते आम देखें जा सकते है।

सूत्रों की माने तो मेषा के सबसे करीबी जतिंदर कुमार उर्फ साबी बावा व निक्का कश्यप उर्फ रिशु पुत्र राजकुमार निवासी अमरीक नगर ने 20 से 25 युवाओं की गैंग बना रखी है जो मिलकर अपराधी गतिविधियों को अंजाम देती है जिनके अन्य साथियों पर पंजाब के अलग-अलग जिलों में जबरन वसूली, एन. डी.पी.एस, लूटपाट, सिथेंटिक ड्रग्स की सप्लाई, गैंगस्टरों को पनाह, गन प्वाइंट पर लूट, बैक डकैती जैसे मामलो में मामले दर्ज है।

यहाँ पंजाब पुलिस व राज्य सरकार अपराधियों व गैंगस्टरों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार चलाकर जोर देकर कह रही है कि पंजाब में गैंगस्टरवाद व अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। तो ऐसे में हत्या के प्रयास के मामले में वांटेड इन अपराधियों को कौन संरक्षण दे रहा है तथा कौन बचा रहा है? क्या कही मेषा की मुलाजिमों से सेंटिग तो नही ऐसे नामवर हत्या के प्रयास में वांटेड अपराधियों को पकड़ने से बचाने में सहायक सिद्ध हो रही ?

वही दूसरी तरफ इस मामले को लेकर जालंधर नोर्थ का डेलीगेशन पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान से मिला और गुंडागर्दी की इस घटना के बारे बताया जिस पर मुख्यमंत्री मान ने पुलिस कमिश्नर जालंधर को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए पुलिस ने जांच कर तुरंत हत्या के प्रयास व एन.डी.पी.एस व अन्य संगीन धाराओं में मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन अन्य वांटेड अपराधियों को पकड़ने में जालंधर थाना नंबर 3 की पुलिस नाकाम साबित हो रही है। पुलिस के उच्च अधिकारियों के लिए यह जांच व सोच का विषय है कि ऐसे नामवर अपराधियों को क्यों नही पकड़ा जा रहा है।