बिना रिचार्ज के कितने दिन में हमेशा के लिए बंद हो जाएगा आपका सिम कार्ड? जान लें TRAI का ये नियम
नई दिल्ली : आज के डिजिटल युग में मोबाइल नंबर सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह आपके बैंक खाते, यूपीआई, सोशल मीडिया और हर जरूरी ओटीपी की चाबी बन चुका है। ऐसे में अगर आपका सिम कार्ड अचानक बंद हो जाए, तो जिंदगी और जरूरी कामों की रफ्तार ही रुक सकती है। महंगे होते रिचार्ज प्लान के बीच हर मोबाइल यूजर के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर बिना रिचार्ज कराए कोई नंबर कितने दिनों तक चालू रह सकता है। अगर आप भी अपने अहम नंबर को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियों और ट्राई (TRAI) के ये कड़े नियम आपको जरूर जानने चाहिए।
TRAI के नए नियमों में 90 दिन की है मियाद
सिम कार्ड और मोबाइल सेवाओं को लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बिल्कुल स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए हैं। साल 2025 के नए नियमों के अनुसार, कोई भी प्रीपेड सिम कार्ड बिना किसी इस्तेमाल (यानी बिना कॉल, मैसेज या इंटरनेट डेटा) के अधिकतम 90 दिनों तक एक्टिव रह सकता है। अगर इन 90 दिनों में नंबर पर कोई गतिविधि नहीं होती है, तो टेलीकॉम कंपनी वैलिडिटी को अगले 30 दिनों के लिए बढ़ाने के एवज में आपके खाते से 20 रुपये काट सकती है। यदि आपके फोन में 20 रुपये से कम बैलेंस है, तो सिम को डिएक्टिवेट किया जा सकता है। हालांकि, ग्राहकों की सुविधा के लिए इसे दोबारा चालू कराने हेतु 15 दिनों का ग्रेस पीरियड भी दिया जाता है।
वैधता खत्म होते ही आउटगोइंग पर लगता है ब्रेक
जब आपके मौजूदा रिचार्ज प्लान की मियाद खत्म हो जाती है, तो टेलीकॉम कंपनियां चरणबद्ध तरीके से सेवाएं सीमित करना शुरू कर देती हैं। इसका सबसे पहला असर आपकी आउटगोइंग कॉल्स और एसएमएस पर पड़ता है। कई कंपनियां वैधता खत्म होते ही आउटगोइंग सेवा रोक देती हैं, जबकि कुछ में यह प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जाती है। इस दौरान आपकी इनकमिंग सुविधा चालू रहती है और कंपनी लगातार कॉल या मैसेज के जरिए आपको रिचार्ज कराने की याद दिलाती है। यही वह समय होता है जब आप तुरंत रिचार्ज कराकर अपनी सभी सेवाएं बहाल कर सकते हैं।
इनकमिंग कॉल और OTP भी हो जाते हैं ठप
अगर आउटगोइंग सेवा बंद होने की चेतावनी के बावजूद ग्राहक रिचार्ज नहीं कराता है, तो कुछ समय बाद कंपनी सख्त कदम उठाते हुए इनकमिंग कॉल और एसएमएस भी पूरी तरह से बंद कर देती है। इस स्थिति में आपके मोबाइल स्क्रीन पर नेटवर्क तो दिखाई देता है, लेकिन आप किसी भी टेलीकॉम सेवा का लाभ नहीं उठा सकते। फोन पर न कोई कॉल आती है, न मैसेज और न ही बैंक या यूपीआई के लिए कोई ओटीपी प्राप्त होता है। इसी बड़ी परेशानी से बचने के लिए ज्यादातर लोग इस चरण में अपना नंबर दोबारा एक्टिवेट कराने के लिए रिचार्ज करवा लेते हैं।
हमेशा के लिए किसी और का हो सकता है आपका नंबर
सबसे बड़ा खतरा तब पैदा होता है जब नंबर महीनों तक इनएक्टिव पड़ा रहे। टेलीकॉम कंपनियां 60 से 90 दिनों तक बिना रिचार्ज वाले नंबर को इनएक्टिव स्थिति में रखती हैं। अगर इस लंबी अवधि में भी उस नंबर पर कोई रिचार्ज नहीं होता है, तो उस सिम को हमेशा के लिए डिएक्टिवेट (बंद) कर दिया जाता है। इसके बाद कंपनी के पास अधिकार होता है कि वह उस मोबाइल नंबर को वापस अपनी लिस्ट में शामिल कर ले और किसी नए ग्राहक को अलॉट कर दे। इसलिए, अगर आप अपने पुराने और जरूरी नंबर को खोना नहीं चाहते हैं, तो उसे चालू रखने के लिए समय-समय पर बेसिक रिचार्ज जरूर कराते रहें।









