यूरोप भेजे जाएंगे यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्र, ऐसे पूरी होगी मेडिकल की पढ़ाई!

यूरोप भेजे जाएंगे यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्र, ऐसे पूरी होगी मेडिकल की पढ़ाई!

 

यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को अब एक बार फिर से पढ़ाई पूरी करने का मौका दिया जाएगा. आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सलाह दी.

 

यूरोप भेजे जाएंगे यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्र, ऐसे पूरी होगी मेडिकल की पढ़ाई!

यूक्रेन से लौटने वाले भारतीय स्टूडेंट्स

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स का कोर्स पूरा कराने की मांग पर सुनवाई हुई. दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरुआत होने के बाद यूक्रेन में पढ़ने वाले हजारों भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स देश वापस लौट आए. अब ये मेडिकल स्टूडेंट्स भारत में अपने कोर्स को पूरा करने के लिए इजाजत देने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, इन मेडिकल स्टूडेंट्स को गुरुवार को ही केंद्र सरकार की तरफ से करारा झटका लग गया था, जब केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि वह यूक्रेन से लौटने वाले स्टूडेंट्स को देश में एडमिशन नहीं देगा।

शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता छात्रों के वकील ने कहा कि जेनेवा कंवेंशन के हिसाब से ये मेडिकल स्टूडेंट्स युद्ध पीड़ित हैं. इस पर केंद्र सरकार ने इन छात्रों को याचिकाकर्ता द्वारा युद्ध पीड़ित कहे जाने पर आपत्ति जताई. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दो तरह के स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद वापस लाया गया. मेहता ने कहा कि पहला वर्ग उन स्टूडेंट्स का है, जिन्होंने अपनी डिग्री पूरी कर ली थी. हमने राजनयिक चैनलों का उपयोग करके अनुरोध किया है कि उनकी डिग्री दी जा सकती है, ताकि वे भारत में निवास कर सकें. दूसरा लास्ट ईयर स्टूडेंट्स हैं. हमने उनके ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर प्रावधान किया है.

टूर ऑफ स्टडी की सुप्रीम कोर्ट ने दी सलाह

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि समन्वय करने की जरूरत है. इसके लिए आप एक पोर्टल विकसित करें. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सलाह दी कि वो एक पोर्टल बनाएं और उस पर यूरोप के अलग-अलग मेडिकल यूनिवर्सिटी में खाली सीटों की जानकारी मुहैया कराएं, ताकि टूर ऑफ स्टडी के तहत वो अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें.स्टूडेंट्स को देश में एडमिशन नहीं देने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि आपको स्टूडेंट्स को विकल्प देना चाहिए. इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मुझे थोड़ा समय दें. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार तक का समय दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि हम याचिका पर नोटिस जारी कर रहे हैं. यूक्रेन से लौटे छात्रों के भविष्य पर अगली सुनवाई अब शुक्रवार को होगी.

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