पंजाब कैबिनेट ने लिये अहम फैसले; असिस्टेंट प्रोफेसरों की आयु सीमा 42 साल हुई, ब्लड रिलेशन में फ्री होगी पावर ऑफ अटार्नी-गुरुबाणी प्रसारण को लेकर भी बड़ा फैसला

पंजाब कैबिनेट ने लिये अहम फैसले; असिस्टेंट प्रोफेसरों की आयु सीमा 42 साल हुई, ब्लड रिलेशन में फ्री होगी पावर ऑफ अटार्नी-गुरुबाणी प्रसारण को लेकर भी बड़ा फैसला

 

 
 

चंडीगढ़ : पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सहायक प्रोफेसरों की आयु सीमा 37 से बढ़ाकर 42 साल कर दी गई है। मान ने कहा कि आने वाले दनिों में अस्सिटेंट प्रोफेसरों की पोस्टें निकाली जाएंगी और इसको आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा विभिन्न विभागों में नियमावली भी पास की गई है। कैबिनेट में लिए गए अहम फैसले के तहत ब्लड रिलेशन में पॉवर ऑफ अटार्नी की कोई फीस नहीं लगेगी। कैबिनेट में कई और अहम फैसले लिए गए।

 

मुख्यमंत्री भगवंत मान वे कहा कि पंजाब का अलग गुरुद्वारा एक्ट होगा और सिख गुरुद्वारा एक्ट संशोधन बिल 2023 हम लाने जा रहे हैं। मान ने कहा कि मैं आज जो भी बोलूंगा सच बोलूंगा। उन्होंने कहा कि जो खोज पड़ताल की गई उसके मुताबिक एसजीपीसी एक्ट में गुरुबाणी रिले का कोई जिक्र नहीं है। साल 2012 में 11 साल के लिए पीटीसी ने गुरुबाणी प्रसारण के अधिकार खरीद लिए थे। गुरुबाणी के कारण लोगों को चैनल लगाना ही पड़ता है। जुलाई में समझौता रद्द हुआ है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि एसजीपीसी स्टेट एक्ट है। सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 में ब्राडकास्ट शब्द ही है। उन्होंने कहा कि गुरुबाणी के प्रसारण के समय कोई विज्ञापन नहीं चलेगा।

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