कनाडा में पंजाबियों को जान से मारने की धमकी दे रहे खालिस्तानी, शिकायत करने के बाद भी पुलिस नहीं कर रही मदद!

जालंधर : “वारिस पंजाब दे” प्रमुख और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल के खिलाफ जब से केंद्र और राज्य सरकार ने कार्रवाई की है तब से कनाडा के सरी इलाके में रहने वाले पंजाबियों को कट्टरपंथी खालिस्तानी समूहों से मौत की धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। फ्रैंड्स ऑफ कनाडा एंड इंडिया फाऊंडेशन ने इस बाबत रॉयल कैनेडियन माऊंटेड पुलिस (आर.सी.एम.पी.) के एक शिकायत पत्र भी दिया है। प्रमुख को शिकायत पत्र में भारत के कनाडा स्थित उच्चायुक्त संजय वर्मा की सुरक्षा को भी खतरे में बताया गया है। पत्र में एक कार्यक्रम में हिंसक घटना का जिक्र किया गया है और आरोप लगाया गया है कि खालिस्तानियों के हमले के दौरान पुलिस ने लोगों की कोई मदद नहीं की।
सरी में कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग
फ्रैंड्स ऑफ कनाडा एंड इंडिया फाऊंडेशन के अध्यक्ष मनिंदर सिंह गिल ने आर.सी.एम.पी. को लिखे पत्र में कहा है कि वह जब भी घर से बाहर निकलते हैं तो उन्हें खालिस्तानी कट्टरपंथियों के हमले की आशंका रहती है। उन्होंने पुलिस से उचित कदम उठाने की मांग करते हुए कहा है कि सरी शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि कनाडा में भारतीय-कनाडाई समुदाय शांति से रह सके।
भारतीय उच्चायुक्त के कार्यक्रम में हमला
बीते माह अमृतपाल पर हुई कार्रवाई के दौरान हुई एक हिंसक घटना की जानकारी देते हुए गिल ने पत्र में बताया है कि उच्चायुक्त संजय वर्मा के पश्चिमी कनाडा के दौरे के दौरान 19 मार्च को उनके सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया था, जबकि इससे पहले कट्टरपंथी खालिस्तानी समूहों ने 18 मार्च को कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पुलिस को सूचित किया था, जिस पर आश्वासन दिया गया था कि उच्चायुक्त की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद हमने योजना के अनुसार अपना कार्यक्रम जारी रखा था।
19 मार्च को खालिस्तानी समूह लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर कार्यक्रम स्थल पर आए और सामने के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया। यह निजी संपत्ति होने के कारण अवैध था और जब हाल के मालिक ने प्रवेश द्वार खाली कराने के लिए पुलिस (आर.सी.एम.पी.) को फोन किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मनिंदर सिंह गिल ने कहा कि खालिस्तानियों ने लोगों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। यहां तक कि मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया।
लाठियों और तलवारों से लैस थे खालिस्तानी
एक प्रसिद्ध मीडियाकर्मी समीर कौशल पर हमला किया गया था। गुरतेज गिल पर भीड़ ने हमला किया जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सुरिंदर शर्मा की कार पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। यह सब तब हुआ जब मंच पर खालिस्तानी नेताओं द्वारा भड़काऊ भाषण दिए जा रहे थे। प्रदर्शनकारी लाठियों और तलवारों से लैस थे क्योंकि उन्होंने इसकी पूर्व योजना बनाई थी और पहचान से बचने के लिए सभी ने नकाब पहन रखे थे।
गिल ने कहा कि पुलिस इस हिंसा पर मूकदर्शक बनी रही और मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकी। उन्होंने पत्र में आरोप लगाते हुए कहा है कि बिट्टू अटवाल और पॉल बराइच सहित आयोजन समिति के सदस्यों पर हमला किया गया। उन्हें खालिस्तानियों ने जान से मारने की धमकी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपशब्द कहे। गिल ने बताया कि मुझे लगातार विभिन्न इंस्टाग्राम अकाऊंट्स, टिकटॉक अकाऊंट्स और मोबाइल नंबरों से जान से मारने की धमकी मिल रही है। वे मुझे धमकी दे रहे हैं कि मेरा वही हश्र होगा जो रिपुदमन सिंह मलिक का हुआ था जिसकी सरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई।








Leave a Reply