चंडीगढ़ः चंडीगढ़ में जहां दोपहिया वाहन चलाने वाली महिलाओं का चालान किया जा रहा है, वहीं सिख महिलाओं को हेलमेट न पहनने की छूट दी गई है, लेकिन अब हर सिख महिला चालान से नहीं बच पाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, जिन सिख महिलाओं ने दस्तार नहीं सजाई है, उनका भी हेलमेट ना पहनने पर चालान किया जाएगा। इसके लिए चंडीगढ़ में सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स लागू किए जा सकते हैं। राज्य स्तरीय रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में प्रशासन ने इस मुद्दे पर विचार किया।
बता दें कि चंडीगढ़ में मौजूदा समय में सिर्फ ‘कौर’ सरनेम देखकर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस बिना हेलमेट टू व्हीलर चलाने या पीछे बैठने वाली महिलाओं को छोड़ रही है। इनके अलावा बाकी महिलाओं के विदाउट हेलमेट के चालान हो रहे हैं। जिक्रयोग्य है कि वर्ष 2018 में चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनी पुरानी नोटिफिकेशन में बदलाव करते हुए सिर्फ टर्बन पहनने वाली सिख महिलाओं को छूट देने की बात कही थी। हालांकि इसका विरोध हुआ था और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक सिफारिश की, जिसके बाद दिसंबर 2018 में सभी सिख महिलाओं को हेलमेट में छूट दे दी गई थी। हालांकि अब चंडीगढ़ प्रशासन अपनी नोटिफिकेशन में बदलाव लाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में बिना दस्तार वाली सिख महिलाओं के भी चालान काटे जाएंगे।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में इसी साल जनवरी महीने से महिलाओं के विदआउट हेलमेट के चालान काटे जा रहे हैं। पिछले 2 से 3 महीनों में महिलाओं चालानों में काफी तेजी आई है। अकेल जून महीने तक लगभग 7 हजार ऐसे चालान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों हैंडी कैमरा के जरिए किए हैं। ऐसे इन महिला टू व्हीलर चालकों को नोटिस और पोस्टल चालान भेजे जा रहे हैं।








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