Tag: हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर बोले पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर को किया निलंबित

    हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने खाद्य एवं आपूर्ति इंस्पेक्टर को किया निलंबित

    फरीदाबाद।चंडीगढ़/
    मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को फरीदाबाद में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में एक्शन मोड में दिखाई दिए। उन्होंने जन संवाद कार्यक्रम में शिकायत देने वाले सोतई गांव निवासियों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने वाले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर सतनारायण को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश भी दिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोई भी अधिकारी अगर समय पर काम नहीं करता अथवा कामचोरी करता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री मनोहर मनोहर लाल ने बताया कि जन संवाद कार्यक्रम में 600 से ज्यादा शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 158 नगर निगम की, 89 पुलिस की शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि यह शिकायतें संबंधित विभागों को भेजकर समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
    एक दिव्यांगजन व एक बुजुर्ग नकद पेंशन दी
    दिव्यांगों व बुजुर्गों की पेंशन की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के माध्यम से सभी का सत्यापन किया जा रहा है। जल्द ही लोगों को पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने मौके पर ही एक दिव्यांगजन राजेंद्र सिंह व एक बुजुर्ग रतन सिंह को 2500-2500 रुपये नकद पेंशन भी दी। उन्होंने कहा कि आपको अगले माह से समय पर पेंशन मिलेगी। उन्होंने बिजली की एक शिकायत पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और बीपीटीपी बिल्डर के बीच सामंजस्य बनाकर प्राथमिकता से समस्या का निदान करने के आदेश दिए।
    उन्होंने एसडीएम की अध्यक्षता में इसके लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिजली निगम द्वारा मिर्जापुर गांव के त्रिलोक चंद का कनेक्शन काटने व 32 हजार रुपये का जुर्माना करने के एक मामले का निपटारा भी किया।
    एडेल डिवाईन सोसायटी सेक्टर-76 के अभिषेक की समस्या का निदान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 100 से ज्यादा परिवार रहते हैं। ऐसे में निवासियों को कामर्शियल रेट की बजाए घरेलू रेट पर ही बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
    इस दौरान जन संवाद में अपने पोता-पोती व नाती-नातिन की पेंशन बनवाने के लिए फरियाद लेकर पहुंचे बुजुर्ग राम सिंह की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने अनाथ बच्चों को पेशन के साथ-साथ एक लाख रुपये की सहायता राशि भी यथाशीघ्र देने के निर्देश दिए। नागेंद्र राय द्वारा एक निजी स्कूल के खिलाफ दी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अगर स्कूल ने 134ए के तहत दाखिला दिया है तो स्कूल पढ़ा क्यों नहीं रहा है।इस पर स्कूल के खिलाफ 134ए के तहत नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही प्रदूषण मानकों को लेकर मिली कुछ शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक महीने के अंदर सर्वे कर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
    मुख्यमंत्री ने इस दौरान अलग-अलग विभागों की जनसुनवाई के लिए स्थापित पांच शिकायत केंद्रों पर जाकर भी लोगों की शिकायतें सुनी।
    इस अवसर पर केंद्रीय उर्जा एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, प्रदेश के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक सीमा त्रिखा, विधायक नरेंद्र गुप्ता, विधायक नयनपाल रावत, विधायक राजेश नागर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव व महानिदेशक सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग डा. अमित अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद थे।

  • पंजाब के CM भगवंत मान ने SYL नहर निर्माण से किया इंकार,हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर बोले पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम, नहीं बनी कोई सहमति

    पंजाब के CM भगवंत मान ने SYL नहर निर्माण से किया इंकार,हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर बोले पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम, नहीं बनी कोई सहमति

     

    चंडीगढ़- एसवाईएल मुद्दे को लेकर आज पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच हाईलेवल मीटिंग हुई। लेकिन बैठक में दोनों राज्यों के बीच कोई भी सहमति नहीं बन सकी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पंजाब के पास पानी बहुत सीमित मात्रा में है, ऐसे में पंजाब हरियाणा को पानी नहीं दे सकता। बैठक के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि बैठक में सहमति नहीं बन पाई।

     

     

    जब पानी ही नहीं तो एसवाईएल के निर्माण का क्या मतलब
    भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा का कहना है कि पहले एसवाईएल का निर्माण कर दिया जाए। पानी फिर देख लेंगे। मान ने कहा कि ऐसे नहीं होता है, जब पानी ही नहीं है तो एसवाईएल के निर्माण का क्या मतलब। पंजाब के सीएम ने कहा कि पंजाब का वाटर लेबल लगातार कम होता जा रहा है। राज्य के पास अपने लिए ही पानी नहीं है।

     

    नहीं बदला पंजाब का अड़ियल रुख- मनोहर लाल खट्टर
    वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम रहा और इस कारण बैठक मेंं कोई सहमति नहीं बनी। मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है, लेकिन पंजाब अड़‍ियल रुख नहीं बदला है।

    मान ने एसवाईएल को लेकर आंकड़े रखे सामने
    मान ने साफ तौर पर स्पष्ट करते हुए आंकड़ों के साथ एसवाईएल को लेकर अपनी बात सबके सामने रखी। मान ने कहा कि जब सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का समझौता हुआ था उस समय पंजाब के पास 18.56 एमएएफ पानी था, जो कि अब घटकर 12.6 फीसदी पानी रह गया है। मान ने कहा कि पानी की डिमांड करने वाले पहले पंजाब में पानी माप लें। हो सकता है पंजाब को कहीं और से पानी देने की जरूरत पड़ जाए।

    हल निकालने के लिए चलते है पीएम मोदी के पास
    भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कहा कि दोनों मिलकर पीएम के पास चलते हैं। उन्हें पानी की समस्या के बारे में बताते हैं। पीएम किसी और राज्य से हरियाणा के लिए पानी की व्यवस्था कर सकते हैं।

    गौरतलब है हरियाणा एसवाईएल नहर के निर्माण को पूरा करने की मांग कर रहा है, ताकि उसे पानी का 35 लाख एकड़ फीट का अपना हिस्सा मिल सके। एसवाईएल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला सुनाया था और केंद्र सरकार को फैसला लागू कराने के लिए मध्यस्थता की जिम्मेदारी सौंपी है।