पंजाब में कृषि विभाग में 1,178 करोड़ का घोटाला, ईडी ने शुरू की जांच, सरकार ने दिए दस्तावेज तैयार रखने के आदेश
चंडीगढ़ः पंजाब के 2017 के बहुचर्चित सिंचाई घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दूसरे नोटिस को लेकर पंजाब सरकार घबरा गई है। सरकार की ओर से कृषि विभाग के अधिकारियों को मांगे गए दस्तावेज तैयार करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पंजाब में कृषि अवशेष निस्तारण के लिए केंद्र के द्वारा जारी सब्सिडी की 1178 करोड़ रुपये के खुर्दबुर्द करने के मामले में ईडी जांच कर रही है। राज्य सरकार ने मामले में कृषि अधिकारियों को घोटाले से संबंधित रिकॉर्ड के साथ तैयार रहने के लिए कहा है.सरकार ने एक विभाग को लिखे एक पत्र में कहा है कि ईडी जल्द कभी भी निरीक्षण कर सकता है।
जानकारी अनुसार इस घोटाले का खुलासा अक्तूबर 2019 में हुआ था। खुलासे में यह उजागर हुआ था कि बठिंडा में 34 कृषि मशीनरी बैंक 80 प्रतिशत केंद्रीय सब्सिडी की मदद से स्थापित किए जाने हैं। राज्य को सब्सिडी मिली, लेकिन कृषि मशीनरी बैंक केवल कागजों पर ही रह गए। तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब इस मामले को तूल दिया तो पिछली सरकार ने इसे छुपाने की कोशिश की, लेकिन तत्कालीन कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में उनकी ही सरकार में हुए 1178 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की थी।
सरकार ने पत्र में कहा है कि अपशिष्ट प्रबंधन (सीआरएम) और कृषि मशीनीकरण (एसएमएएम) योजनाओं से संबंधित पूरे रिकॉर्ड की तीन प्रतियां विभाग को संभाल कर रखनी चाहिए, क्योंकि किसी भी समय इसकी आवश्यकता हो सकती है। बठिंडा में 34 कृषि मशीनरी बैंक 80 प्रतिशत केंद्रीय सब्सिडी की मदद से स्थापित किए जाने थे, लेकिन कृषि मशीनरी बैंक केवल कागजों पर ही रह गए।







