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  • मान सरकार कैबिनेट में कई अहम फैसलों पर लगी मोहर, जानें किन फैसलों पर लगी मोहरें

     मान सरकार कैबिनेट में कई अहम फैसलों पर लगी मोहर, जानें किन फैसलों पर लगी मोहरें

     

    चंडीगढ़ -लाभार्थियों को आटा/गेहूं घरों में पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व अधीन पंजाब कैबिनेट ने राष्ट्रीय ख़ाद्य सुरक्षा एक्ट ( एन. एफ. एस. ए.) के अधीन माडल फेयर प्राइस शॉपस के प्रस्ताव की शुरुआत की मंज़ूरी दे दी।

    इस सम्बन्धी फ़ैसला आज यहाँ पंजाब सिवल सचिवालय-1 में मुख्यमंत्री के नेतृत्व अधीन हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग में लिया गया। इस संबंधी विवरण देते हुये मुख्यमंत्री दफ़्तर के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने लाभार्थियों के घरों में पैकेज्ड आटा/ पैकेज्ड गेहूँ के वितरण के लिए संशोधित विधि को भी मंजूरी दी। आटा/गेहूं का वितरण खुली मात्रा, सही तोल में, राशन डिप्पूओं से या राशन डीपू होल्डर की तरफ से विशेष सीलबंद पैकटों में लाभार्थियों के घरों के दरवाज़े या नज़दीकी मोटर प्वाइंट पर पहुँचाने की इजाज़त दी गई है। लाभार्थी के लिए पैकेज्ड आटा/पैकेज्ड गेहूँ प्राप्त करने का यह ज़्यादा सम्मानजनक ढंग होगा क्योंकि लाभार्थी को ख़ास तौर पर खऱाब मौसम के हालात में लम्बी कतारों में खड़ा होने की ज़रूरत नहीं रहेगी।

    आटा और गेहूँ देते समय सभी ज़रूरी शर्तों जैसे कि बायो मीट्रिक पड़ताल, लाभार्थी को प्रिंट की वजऩ रसीद और अन्य ज़रूरतों पूरी करनी यकीनी बनाईं जाएंगी। होम डिलीवरी सेवा, माडल फेयर प्राइस शाप की धारणा को पेश करेगी, जो राज्य की शीर्ष सहकारी सभा ‘दी पंजाब स्टेट कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्किटिंग फेडरेशन लिमिटिड’ की तरफ से चलाईं जाएंगी क्योंकि यह अग्रणी सहकारी अदारा होने के साथ-साथ राष्ट्रीय ख़ाद्य सुरक्षा एक्ट के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी बनती है। पंजाब राज्य सहकारी सप्लाई और मार्किटिंग फेडरेशन लिमिटिड द्वारा चलाए जा रहे माडल फेयर प्राइस शॉपस की तरफ से लाभार्थियों के घर तक पैक किये गेहूं/ पैक किये आटे की सप्लाई करने के लिए स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी शामिल की जाएंगी।

    उपभोक्ताओं को कम दरों पर रेत और बजरी मुहैया करने के लिए करशर नीति 2023 को हरी झंडी

    उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर रेत और बजरी मुहैया करने और इसकी स्पलाई को सुचारू बनाई रखने के लिए कैबिनेट ने पंजाब करशर नीति 2023 को भी मंजूरी के दी। इस नीति के अंतर्गत करशर यूनिटों की दो मुख्य श्रेणियों कमर्शियल करशर यूनिट ( सी. सी. यू.) और पब्लिक करशर यूनिट ( पी. सी. यू.) होंगी। स्क्रीनिंग- कम- वाशिंग प्लांट भी करशर यूनिट की श्रेणी में आऐंगे। पब्लिक करशर यूनिट ( पी. सी. यू.) एक रजिस्टर्ड करशर यूनिट होगा, जो पंजाब ट्रांसपेरैंसी इन पब्लिक प्रोक्युरमेंट एक्ट के अंतर्गत निर्धारित एक ट्रांसपेरैंसी ई-टैंडरिंग प्रक्रिया के द्वारा चुना गया है और करशर यूनिट की तरफ से दर्शाये कम से कम खनिज मूल्य (लोडिंग खर्चा सहित और करशर बिक्री मूल्य से अधिक नहीं) पर आधारित होगा।

    सरकार समय-समय पर करशर बिक्री मूल्य (सी. एस. पी.) निर्धारित करेगी और कोई भी करशर यूनिट इससे अधिक मूल्य पर खनिज की बिक्री नहीं करेगा। सी. एस. पी. में खनिज लागत, माइनिंग साइट से करशर यूनिट तक ढुलाई, प्रोसैसिंग खर्चे और लाभ और परिवहन वाहनों की किसी भी मंज़ूर श्रेणी में खनिज की लोडिंग शामिल होगी। माईनज़ और जियालोजी विभाग की तरफ से करशर यूनिट को रजिस्टर करने के लिए आनलाइन पोर्टल प्रणाली विकसित की जायेगी।

    करशर मालिक विभाग द्वारा तैयार किये आनलाइन पोर्टल के द्वारा अपने यूनिटों को ख़ुद रजिस्टर करेंगे और अगर कोई करशर मालिक चाहेगा तो वह पंजाब राज्य माइनर मिनरल नीति 2023 के अंतर्गत व्यापारिक माइनिंग यूनिटों के लिए बोली में हिस्सा ले सकता है। इस नीति का प्रारंभिक उद्देश्य सरकार की तरफ से उचित मार्किटिंग दखलअन्दाज़ी के ज़रिये खपतकारों को वाजिब दरों पर रेत और बजरी मुहैया करने और इसकी स्पलाई को सुचारू बनाई रखना है।

    ग़ैर-कानूनी माइनिंग रोकने के लिए पंजाब माइनर मिनरल रूल्ज 2013 में संशोधनों की इजाज़त

     

    पंजाब मंत्रीमंडल ने ग़ैर-कानूनी माइनिंग रोकने और राज्य में माइनर मिनरलज़ की सप्लाई बढ़ाने के लिए पंजाब माइनर मिनरलज़ रूल्ज, 2013 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी। राज्य सरकार ने इस साल 13 मार्च को पंजाब माइनर मिनरल नीति, 2023 अधिसूचित की थी। इस नीति के उपबंधों के कारण रियायती ठेके और सार्वजनिक माइनिंग साईटों का वितरण के लिए मौजूदा नियमों में कुछ संशोधनों की ज़रूरत थी। यह संशोधन सालाना रियायत राशि की किश्तों, सार्वजनिक माइनिंग साईटों, माइनिंग साईटों के लिए रियायत की सुपुर्दगी के नियमों और शर्तों और पंजाब माइनर मिनरलज़ रूल्ज, 2013 में एग्रीमेंट फार्म एल-1 से सम्बन्धित हैं।

    प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों के नुकसान सम्बन्धी खेत मज़दूरों को वित्तीय राहत देने के लिए नीति पर मोहर

    मंत्रीमंडल ने प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों के हुए नुकसान से प्रभावित खेत मज़दूरों को राहत देने के लिए नीति पर भी मोहर लगा दी। प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों के नुकसान से सम्बन्धित किसानों को मुआवज़ा देने के लिए डिप्टी कमिश्नरों को राशि जारी कर दी गई थी। इसलिए इस नीति के अंतर्गत खेत मज़दूरों को मुआवज़ा देने के लिए प्रांतीय बजट में से 10 प्रतिशत अतिरिक्त राहत राशि डिप्टी कमीशनरों को मुहैया की जायेगी। यह नीति पहली मई 2023 से लागू होगी और सभी खेत मज़दूर परिवारों, जिनके पास कोई ज़मीन ( रिहायशी प्लाट के इलावा) नहीं होगी, या वह जिनके पास ठेके/ किराए/ काश्त के लिए एक एकड़ से कम जगह होगी, वह सभी मुआवज़ा लेने के योग्य होंगे।

    सरकारी डैंटल कालेज और अस्पताल, अमृतसर और पटियाला के नौ विभागों में टीचिंग फेकल्टी के 39 पद सुरजीत करने का फ़ैसला

    कैबिनेट ने सरकारी डैंटल कालेज और अस्पताल, अमृतसर और पटियाला के नौ विभागों में टीचिंग फेकल्टी की सीधी भर्ती कोटे की मंज़ूरशुदा पदों में से पाँच प्रोफ़ैसर, 10 एसोसिएट प्रोफ़ैसर और 24 सहायक प्रोफैसरों सहित कुल 39 पदों को सुरजीत करते हुए यह पद पंजाब लोक सेवा कमीशन के दायरे में से निकाल कर विभागीय चयन समिति के द्वारा भरने की मंजूरी दे दी। इससे सरकारी डैंटल कालेजों में पढ़ते विद्यार्थियों को मानक शिक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी और साथ ही लोगों को बेहतर सेहत सहूलतें प्रदान की जा सकेंगी।

    पंजाब लीगल सर्विसज़ अथॉरिटी में 11 पद सुरजीत करने की मंज़ूरी

    मंत्रीमंडल ने पंजाब कानूनी सेवा अथॉरिटी में तीन रीडरों, चार जूनियर स्केल स्टैनोग्राफऱों और चार अहलमद समेत 11 पद सुरजीत करने को भी हरी झंडी दे दी। इसके इलावा सेवकों के दो पद आउट सोर्स के द्वारा भरे जाएंगें। इन पदों के सुरजीत होने से पंजाब कानूनी सेवा अथॉरिटी की कार्य-कुशलता में विस्तार होगा, जिससे काम के निपटारे में तेज़ी आयेगी।