माता नयना देवी में माथा टेककर वापस लौट रहा जालंधर के दो युवक नहर में बहे, तलाश में जुटे गोताखोर
जालंधर: हिमाचल में स्थित माता नयना देवी के मंदिर में माथा टेककर वापस लौट रहे जालंधऱ के दो युवक नहाते समय नहर के तेज बहाव में बह गये। वहीं उनका एक दोस्त किसी तरह से नहर से निकल आया। जिसके बाद उसने शोर मचाकर लोगों को इट्ठा किया। लोगों ने तेज बवाह में बह रहे दोनों युवकों को बचाने का प्रयास किया परन्तु दोनों ही तेज बवाह में बह गए। जिसने के बाद मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने दोनों युवकों की तलाश शुरू कर दी है।
मामले की जानकारी देते अंकुश कुमार ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ माता नयना देवी मंदिर में माथा टेककर वापस लौट रहा था कि रास्ते में गर्मी के कारण नहर में नहाने के लिए रुका, जिसके बाद वह सीढ़ियों में बैठकर नहा रहा था, तभी गगनदीप ने नहाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। इस दौरान जब वह नहर में डूबने लगा, तो उसे बचाने के लिए तरनप्रीत सिंह भी कूद पड़ा और देखते ही देखते दोनों पानी के तेज बहाव में काफी दूर तक बह गए। डूब रहे नौजवानों को बचाने के लिए आसपास के लोगों ने पगड़ी बांधकर रस्सी बनाकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहे। वहीं खबर लिखे जाने तक दोनों युवाओं का कोई भी सुराग नहीं लग पाया था। पुलिस के मुताबिक मंगलवार को भी गोताखोरों की टीम नहर में उनकी तलाश करेगी।
स्थानीय पुलिस चौकी के प्रभारी ने बताया कि दोनों युवकों की पहचान जालंधर के गगनदीप सिंह उर्फ लवी पुत्र सुरेंद्र सिंह, शेरगढ़ (बस्सी पठाना, फतेहगढ़ साहिब) तरूणप्रीत के रूप में हुई है। उनके शव अभी बरामद नहीं हुए हैं। उन्हें ढूंढने की कोशिश की जा रही है।







