Tag: देशभक्ति महोत्सव के दौरान योग-ध्यान कार्यशाला में सेवा और भक्ति सिखाने की सही विधि बताई बह्मऋषि विशाल जी ने आरामदायक एवं सुखी जीवन की युक्तियों से पर्दा उठाया

  • देशभक्ति महोत्सव के दौरान योग-ध्यान कार्यशाला में सेवा और भक्ति सिखाने की सही विधि बताई बह्मऋषि विशाल जी ने आरामदायक एवं सुखी जीवन की युक्तियों से पर्दा उठाया

    देशभक्ति महोत्सव के दौरान योग-ध्यान कार्यशाला में सेवा और भक्ति सिखाने की सही विधि बताई
    बह्मऋषि विशाल जी ने आरामदायक एवं सुखी जीवन की युक्तियों से पर्दा उठाया

    जनसेवा से होगा कल्याण, किसी की मदद निस्वार्थ भाव से करते हो, तो जरूरत के समय तुम्हारे लिए मदद अपने आप पहुंचती है

    किसी बात को लेकर ये कहना “मैं तुझे जिंदगी भर माफ नहीं करूंगा” उसको नही बल्कि हमें खुद को ही करती है परेशान

    MBD WEB NEWS जालन्धर ( सुमेश शर्मा):- अपने माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, बच्चों, रिश्तेदारों, जाति, पंथ और धर्म आदि से बाहर निकलकर ईमानदारी से निभाए गए कर्तव्य ही सेवा में आते हैं। किसी व्यक्ति के अच्छे और बुरे कर्मों का फल उसे बेटी, बेटे, बहू और दामाद के रूप में मिलने वाले रिश्तों से पता चलता है। जिस परिवार को अच्छी बहू और दामाद मिलते हैं उस परिवार के लिए सांसारिक वस्तुओं की प्रचुरता या कमी कोई मायने नहीं रखती।


    ये बातें ब्रह्मर्षि विशाल जी नेआधुनिक युग में मनुष्य के सामने आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर स्वस्थ, सुखी और सफल जीवन जीने की कला सिखाने वाली 7 दिवसीय विशेष योग और ध्यान कार्यशाला के चौथे दिन दर्शकों से बातचीत के दौरान कहीं।


    श्री श्री सुदर्शन जी जिन्हें पूरे ब्रह्मांड में गुरुओं के गुरु के रूप में जाना जाता है, के नेतृत्व में सभी संप्रदायों एवं धर्मों से स्वतंत्र रहकर संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध इस केंद्र द्वारा 22 जनवरी से 28 जनवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला के चौथे दिन ब्रह्मर्षि विशाल जी छात्रों का सुविधाजनक तरीके से मार्गदर्शन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर विशाल जी ने क्षमा के गुर को व्यावहारिक रूप में सिखाते हुए सुखी एवं समृद्ध जीवन जीने के रहस्यों को उजागर किया और कहा कि “मैं तुझे जिंदगी भर माफ नहीं करूंगा” जैसे संवाद केवल फिल्मों का हिस्सा हैं जिनका कोई मतलब नहीं है। हमारी जिंदगी में बदला लेने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। गोली के बदले गोली देश की रक्षा में लगे सैनिकों के हिस्से में ही आती है। घर या संसार के आचरण में किसी की गोली या वाणी का बदला लेने की बुराई मन में रखने से अन्याय करने वाले को हानि हो या न हो, खुद को अवश्य हानि होती है। किसी के प्रति नफरत से भरा मन कभी शांत नहीं रह सकता और मन की शांति के बिना स्वर्ग नाम की कोई जगह नहीं है।

    उन्होंने पुराने और नए मोबाइल सॉफ्टवेयर से बहू और सास के रिश्तों के बीच की दूरियों को पाटने की तरकीब साझा करते हुए बताया कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में दिल का दौरा पड़ने की दर अधिक इसलिए होती है कि वे हंसने, रोने और दिल की भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाते जबकि महिलाएं भावनाओं को दूसरों के साथ साझा करने में अधिक सहज होती हैं। इस प्रकार बह्मर्षि विशाल जी ने पारिवारिक रिश्तों में सामंजस्य लाने के लिए कई गुरुमंत्र साझा किये। उन्होंने यह भी कहा कि सही अर्थों में किया गया पुण्य व्यक्ति के चेहरे पर किसी समाधि या बंदगी से भी अधिक चमक और खुशी लाता है।

    प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 7 बजे तक चलने वाली इस जीवन परिवर्तन कार्यशाला में गणतंत्र दिवस को मुख्य थीम रखते हुए केंद्र के सेवादारों द्वारा ध्यान कक्ष एवं राजपूत भवन परिसर को तिरंगे झंडों से सजाया गया। आज कार्यशाला के समापन पर वंदे मातरम् के वादन ने हर दिल में देशभक्ति की भावना को और उजागर किया।