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    People defying government orders in Jalandhar, stubble was burnt at 57 places, people died in Shahkot a few days ago

    जालंधर में सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहे लोग, 57 जगह जलाई गई पराली, कुछ दिन पहले शाहकोट में पराली के धुएं से हुई थी दो लोगों की मौत

     

     

    जालंधर: पंजाब में पराली न जलाने के सरकारी आदेशों के बावजूद भी किसान सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। वहीं वीरवार को महानगर के अंतर्गत आते इलाकों में करीब 57 जगह लोगों ने पराली को जलाया। वहीं प्रशासन मूकदर्शक बन देख रहा है और जिला प्रशासन ने मामले को लेकर अभी तक संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकों में हुए फैसलों को भी सख्ती से लागू करवाने का प्रयास नहीं कर रहा है।

    बता दें कि बुधवार को जिले में 57 जगह पर पराली जलाने के मामले सामने आए और कुल आकड़ा 339 तक पहुंच गया। इसके चलते होने वाले प्रदूषण से लोगों की सेहत का कितना नुकसान हो रहा है इसका अंदाजा भी एसी गाड़ियों में बैठकर घूमने वाले प्रशासनिक अधिकारी नहीं लगाना चाह रहे हैं। जिले में केवल आधा दर्जन पराली जलाने वालों पर मामला और 35 हजार के करीब जुर्माना हुआ है। जिले में पराली जलाने के मामलों को लेकर 47 इलाकों को हाई अलर्ट किया गया था। जिला प्रशासन की तरफ से पराली न जलाने का संदेश देने के लिए कैंपों का आयोजन करने के बावजूद किसानों की मनमानी जारी है।

    दिवाली के दूसरे दिन भी पटाखे चलाने और पराली को आग लगाने से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) में उतार-चढ़ाव रहा। बुधवार को दिनभर कई बार हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में रही। दोपहर एक बजे की बात करें तो एक्यूआइ 316 तक पहुंच गया था। सुबह छह बजे तक यह आंकड़ा 305 था। पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया जा रहा है। सभी एसडीएम को पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने आदेश दिए गए हैं। भविष्य में भी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और राज्य सरकार की नीतियों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग की तरफ से बड़े स्तर पर जागरूकता मुहिम चलाई जा रही है। इसकी वजह से पिछले वर्षों के मुकाबले कम सामने आ रहे हैं। -जसप्रीत सिंह, डीसी