Section 6A पर SC का बड़ा फैसला, 25 मार्च 1971 के बाद Assam आए बांग्लादेशी Indian नागरिक नहीं…पढ़ें पूरी News
नई दिल्लीः बांगलादेश से असम में आए प्रवासियों को नागरिकता देने के प्रविधान करने वाली नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए को सुप्रीमकोर्ट ने वैध और संवैधानिक ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने 4:1 के बहुमत से ये फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नागरिकता कानून की धारा 6ए की वैधता को बरकरार रखा है। असम में बड़ी संख्या में बांग्लादेश से आए लोग रहते हैं। वहीं 25 मार्च, 1971 के बाद बांग्लादेश से असम आए लोगों का भारत से बाहर जाना तय हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार वीरवार को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक फैसले में असम में बांगलादेश से आए प्रवासियों को नागरिकता देने के प्रविधान करने वाली नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए को वैध और संवैधानिक ठहराया है। पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने वीरवार को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है।
वीरवार कोर्ट ने को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। फैसले के अनुसार इस कानून में असम समझौते द्वारा कवर किए गए व्यक्तियों की नागरिकता के संबंध में विशेष प्रावधान के रूप में संदर्भित किया गया है। प्रावधान के अनुसार, जो लोग 1 जनवरी, 1966 को या उसके बाद 25 मार्च, 1971 से पहले बांग्लादेश सहित कई क्षेत्रों से असम आए थे। तब से वह असम के निवासी हैं। उन्हें अब नागरिकता के लिए धारा 18 के तहत खुद को पंजीकृत करना होगा।
वहीं असम समझौते के प्रावधान के अनुसार, इन लोगों को उनके पता लगने के दिन से 10 साल तक भारत के नागरिक के रूप में पंजीकरण करने से रोक दिया गया था। असम समझौते के अनुसार, जो लोग 25 मार्च, 1971 के बाद आए थे, उन्हें भारत से बाहर जाना तय था। तब धारा 6ए में प्रवासियों, विशेष रूप से बांग्लादेश से असम में रहने वाले लोगों को नागरिकता देने की कट-ऑफ तिथि 25 मार्च, 1971 तय की गई थी।







