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  • Justice Sanjeev Khanna बने देश के 51वें मुख्य न्यायधीश, राष्ट्रपति मुर्मु ने दिलाई शपथ, CM Atishi Marlena ने दी बधाई

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    Justice Sanjeev Khanna became the 51st Chief Justice of the country, President Murmu administered the oath, CM Atishi Marlena congratulated

    Justice Sanjeev Khanna बने देश के 51वें मुख्य न्यायधीश, राष्ट्रपति मुर्मु ने दिलाई शपथ, CM Atishi Marlena ने दी बधाई

    • नई दिल्लीः जस्टिस संजीव खन्ना ने आज यानि सोमवार को देश के 51वें सीजेआई के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस दौरान समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    वहीं, मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण करने पर न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिश ने बधाई देते हुए उनके प्रभावशाली का कार्यकाल की कामना की हैं। सोशल मीडिया के जरिए दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने संजीव खन्ना को बधाई देते हुए लिखा कि ‘मैं भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने पर न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को हार्दिक बधाई देती हूं। उनके प्रभावशाली कार्यकाल की कामना करती हूं और कामना करता हूं कि उनका काम हमारे लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करे, समानता को कायम रखे और हमारे देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों को मजबूत करें।

    बता दें कि चुनाव में ईवीएम की उपयोगिता बनाए रखना, चुनावी बांड योजना को खारिज करना, अनुच्छेद-370 के निरस्तीकरण के फैसले को कायम रखना और दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए अंतरिम जमानत प्रदान करने के फैसले देने वाले बेंच में वो शामिल थे।

    गौरतलब है कि जस्टिस संजीव खन्ना दिल्ली के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी सारी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से ही की है। उनका जन्म 14 मई 1960 को हुआ था। उनके पिता न्यायमूर्ति देस राज खन्ना थे, जो दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। साल 1983 में वो दिल्ली बार काउंसिल के साथ एक वकील के रूप में नामांकित हुए। शुरुआत में दिल्ली के तीस हजारी परिसर में जिला न्यायालयों में और बाद में दिल्ली के उच्च न्यायालय और संवैधानिक कानून, प्रत्यक्ष कराधान, मध्यस्थता जैसे विविध क्षेत्रों में न्यायाधिकरणों में प्रैक्टिस की। वाणिज्यिक कानून, कंपनी कानून, भूमि कानून, पर्यावरण कानून और चिकित्सा लापरवाही कानूनों पर उनकी जबरदस्त पकड़ है।