75 फीसदी नौकरियों में हरियाणा के ही लोगों की भर्ती का कानून रद्द
आपको बता दें कि बिहार की शिक्षक भर्ती में प्रदेश से बाहर के लोगों को भर्ती में शामिल किए जाने को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने यह बयान दिया था. आपको बता दें कि बिहार में शिक्षकों की 170461 पदों पर भर्तियां निकाली गई थी. जिसमें 120336 टीचर कैंडिडेट सेलेक्ट हुए थे. इसके बाद पहली भर्ती प्रक्रिया में खाली रहे पदों को जोड़कर दूसरी भर्ती निकाली गई थी. जिसमें कहा गया कि इस भर्ती प्रक्रिया में बिहार से बाहर के लोग भी शामिल हो सकेंगे जिसके बाद 2020 में फैसला वापसी लेते हुए कहा गया कि भर्ती में सिर्फ बिहार के लोग ही शामिल हो सकेंगे.
इसके बाद जून में इस फैसले को महागठबंधन की सरकार ने सभी के लिए खोल दिया क्योंकि उन्हें डर था कि दूसरे राज्य के कैंडिडेट कोर्ट चले गए तो भर्ती को रद्द करना पड़ेगा. क्योंकि दूसरे राज्य कै कैंडिडेट को भर्ती होने से रोकना संविधान से मिले समानता का अधिकार का उल्लंघन है.







