Tag: लोकसभा के स्त्र में कूदे दो युवक; जूते से स्प्रे निकालकर फैलाया धुआं

  • पार्लियामेंट अटैक की बरसी के दिन ही एक बार फिर हुई संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक, लोकसभा के स्त्र में कूदे दो युवक; जूते से स्प्रे निकालकर फैलाया धुआं

    पार्लियामेंट अटैक की बरसी के दिन ही एक बार फिर हुई संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक, लोकसभा के स्त्र में कूदे दो युवक; जूते से स्प्रे निकालकर फैलाया धुआं

     

    नई दिल्ली  संसद की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। बुधवार को लोक सभा की कार्यवाही के दौरान अचानक सदन में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब अचानक दर्शक दीर्घा से 2 युवक सदन में कूद पड़े। कूदते ही दोनों युवक आगे की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया।

    उस समय सदन में मौजूद सांसदों ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने जूते से कुछ निकालने का प्रयास किया। कई सांसदों ने यह भी बताया कि उस समय सदन के अंदर पीला सा धुंआ भी नजर आया। सांसदों ने दोनों को पकड़ कर सुरक्षाकर्मियों के हवाले किया।

    सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल ने लोक सभा की कार्यवाही को तुरंत रोककर सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सुरक्षा उल्लंघन के बारे में पहले से ही गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो पुराने संसद भवन पर आतंकवादी हमले की 22वीं बरसी पर हुआ है।

    संसद में जारी शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को एक बड़ा हादसा हुआ। दो अनजान लोग संसद की कार्यवाही के दौरान ही दर्शक दीर्घा से संसद की गैलरी में कूद गए। दोनों प्रदर्शनकारियों ने अपने इस हंगामे के दौरान संसद में स्मोक बम का इस्तेमाल किया और पूरी पार्लियामेंट को धुआं-धुआं कर दिया। स्मोक बम की बात करें तो वर्तमान में अलग-अलग तरह के स्मोक बम देखने को मिलते हैं, जिनसे रंगीन धुआं निकलता है। बुधवार को संसद में जो स्मोक बम का अटैक हुआ, उसमें भी पीला और लाल रंग का धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया, जो संसद भवन के भीतर और फिर बाहर जब प्रदर्शनकारियों को पकड़कर ले जाया गया था, उस वक्त दिखाई दिया।

    What is Smoke Bomb: क्या होता है स्मोक बम? जिससे प्रदर्शनकारियों ने  पार्लियामेंट को धुआं धुआं कर दिया | parliament attack what is smoke bomb  used in parliament gallery | TV9 Bharatvarsh

    स्मोक क्रैकर एक तरह का हानिकारक पटाखा है जिसका इस्तेमाल उत्सव में तो किया ही जाता है साथ ही साथ इमरजेंसी के दौरान सिग्नल देने में भी इसे इस्तेमाल में लाया जाता है। यह कई कलर ऑप्शंस में आता है और इससे कई किलोमीटर दूर से भी सिग्नल दिया जा सकता है। स्मोक क्रैकर वैसे तो खतरनाक नहीं होता है लेकिन इस से अगर छेड़छाड़ की जाए तो यह खतरनाक भी साबित हो सकता है। देखने में यह किसी ग्रेनेड जैसा लगता है और कई लोग इसका इस्तेमाल फेक कर भी करते हैं। मार्केट में इसकी कीमत ₹500 से लेकर ₹2000 तक होती है। संसद में इसका इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों ने किया है और इस दौरान स्मोक क्रैकर से रंगीन धुआं निकलता देखा गया है।