पठानकोट के मीरथल में सैनिक ने अपने साथियों पर चलाईं ताबड़तोड़ गोलियां, दोनों की मौत, आरोपी मौके से फरार
पठानकोटः जिले के अंतर्गत आते मीरथल आर्मी कैंप में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक सैनिक ने अपने सो रहे दो साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी। जिससे दोनों जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आरोपी सैनिक वहां से फरार हो गया। दोनों मृतक जवानों की पहचान हवलदार गौरी शंकर हट्टी निवासी हुबली के नीर बोएपुर पश्चिम बंगाल और हवलदार सूर्यकांत शशिराव निवासी बड़ेगांव नेलांगी महाराष्ट्र के रूप में हुई है, जबकि आरोपी सैनिक की पहचान लोकेश कुमार ध्रुव निवासी छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी सैनिक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
जानकारी अनुसार रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि एक बजे के करीब वह ड्यूटी पर थे। आरोपित लोकेश बैरक के बाहर निगरानी पर था। रात करीब दो बजे वह हवलदार तेलांगी और गौरी शंकर के साथ बैरक में पहुंचे और सो गए। अचानक देर रात ढाई बजे गोलियों की आवाज आई। उसने देखा कि लोकेश के हाथ में राइफल थी। वहीं, पास में हवलदार तेलांगी और गौरी शंकर खून से लथपथ तड़प रहे थे। इसी दौरान बाकी जवान भी उठे तो आरोपित राइफल छोड़कर फरार हो गया। उन्होंने घायलों को सैन्य अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
एक सैन्य अधिकारी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जिस इनसास राइफल से आरोपित ने वारदात को अंजाम दिया वो राइफल हवलदार गौरी शंकर के नाम पर जारी की गई थी। जब वह रात को पैट्रोलिंग से लौटे तो हवलदार गौरी शंकर ने सभी हथियारों को बैरक की अलमारी में रखा और ताला लगाकर चाबी तकिये के नीचे रख ली थी। इसके बाद वो सो गया था। आरोपित लोकेश ने हवलदार गौरीशंकर के तकिये के नीचे से चाबी लेकर अलमारी खोलकर राइफल निकाल ली और फायरिंग कर दी।







