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  • जानें कैसे पकड़े गए नीट पर्चा लीक के मास्टरमाइंड,नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद…

    जानें कैसे पकड़े गए नीट पर्चा लीक के मास्टरमाइंड,नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद…

     

     

     

    नीट परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है. अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ है और धांधली हुई. इस बीच बिहार पुलिस ने नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद समेत कई लोगों को पकड़ा है जिन्होंने परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और बाद में किए अपने एक-एक गुनाह को कबूल किया है.

     

     

    नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद... कैसे पकड़े गए नीट पर्चा लीक के मास्टरमाइंड

    नीट परीक्षा लीक का आरोपी सिकंदर

    बिहार में नीट का पर्चा लीक होने के बाद पुलिस ने एक के बाद एक कई लोगों को हिरासत में लिया है और अब वह लोग जो बात बता रहे हैं, उनसे यह पूरी तरह से साफ है कि एनटीए भले ही परीक्षा के पाक-साफ होने की कितनी भी बात कहे, लेकिन यह पूरी तरह से निराधार है. बिहार पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है, उनके आधार पर बनाए गई डायरी में आरोपियों ने कई बातों का पर्दाफाश किया है. इसमें नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद समेत ऐसे कई नाम दर्ज हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और बाद में किए अपने एक-एक गुनाह को कबूल किया है.

    नीट परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है. अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ है और धांधली हुई है. सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा है, लेकिन एनटीए कह रहा है कि पेपर लीक नहीं हुआ है. हालांकि बिहार पुलिस की डायरी में इस कबूलनामे के सच को कैसे इंकार किया जा सकता है. इसमें जो बातें लिखी गई हैं, वह साफ-साफ कहती हैं कि नीट का पेपर लीक हुआ था और कई नटवरलालों के हाथ में परीक्षा से पहले ही पहुंच गया था.

    14 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ”किसी बच्चे के साथ कोई अन्याय नहीं होगा. हमारी प्रक्रिया पूरी पारदर्शी है, लेकिन यह भी देखना होगा कि जो लोग सवाल कर रहे हैं, वह कौन हैं. उन्होंने कोचिंग इंस्टिट्यूट वालों पर सवाल उठाए. जब 4750 सेंटर में इतने विद्यार्थी परीक्षा देते हैं, एक-दो सेंटर की गड़बड़ी ध्यान में आई है, उसपर भी कंसर्न अथॉरिटी इंक्वायरी कर रहे हैं. पिछले दिनों में भी टॉपर बच्चे अच्छे नंबर पर होते थे, इस बार यह 61 हुए हैं. ग्रेस मार्क्स मिलने के कारण छह बच्चों का भी नाम जुड़ा था.” धर्मेंद्र प्रधान ने एक-दो सेंटर पर गड़बड़ी की बात कही, लेकिन छात्रों के आरोपों से लगता है कि यह मामला उतना छोटा नहीं है, जितना सरकार समझ रही है. सरकार का दावा है कि वो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी, लेकिन अब भी सुप्रीम कोर्ट में नई याचिकाएं दाखिल हो रही हैं और छात्र इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.