नाबालिग के बलात्कार के दोषी को उम्र कैद की सजा व तीन लाख रूपए जुर्माना
# संस्था लॉ पावर एसोसिएशन ने दिलवाया इंसाफ।
# लॉ पावर एसोसिएशन संस्था ने पीड़ित परिवार को केस हेतु सहायक अधिकारी व कानूनी सहायता उपलब्ध कराई।
लुधियाना: (17 अगस्त) : जिला लुधियाना जहां हजारों नही लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर रहते है, वहां उनके बच्चे बच्चियों की असुरक्षा के मामले बढ़ते जा रहे है। ऐसे में बाल अधिकारों पर काम करने वाली अग्रणी संस्था “लॉ पावर एसोसिएशन” लुधियाना में पीड़ित परिवारों को मुफ्त सहायक अधिकारी व कानूनी सहायता उपलब्ध करवा रही है। इसी कार्य के तहत संस्था लॉ पावर एसोसिएशन के संस्थापक एडवोकेट योगेश प्रशाद व बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री दिनेश कुमार ने जिला लुधियाना में पोक्सो विक्टिम परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का काम किया है। ऐसा ही एक मामला वर्ष 2019 में थाना डिवीजन नंबर 6 लुधियाना में दर्ज किया हुआ था, जिसमे विक्टिम परिवार को उनके कहने पर संस्था लॉ पावर एसोसिएशन के बाल अधिकार वकील योगेश प्रशाद व बाल अधिकार कार्यकर्ता दिनेश कुमार ने परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराई और सरकारी वकील एडवोकेट बी. डी गुप्ता जी के सहयोग से आरोपी को IPC की धारा 302, 377 और POCSO की धारा 6 के तहत दोषी पा कर उम्र कैद व तीन लाख रूपए जुर्माना किया गया।
पीड़ित के पिता ने बताया कि इस दौरान उनको कई प्रकार की समस्याएं आई, लेकिन ऐडवोकेट योगेश व दिनेश भाई हर बार उनके साथ खड़े रहे और अंत में हमें इंसाफ मिला और आरोपी को एडीजे अमरजीत सिंह की अदालत ने दोषी पाया और उम्र कैद की कड़ी सजा के साथ तीन लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनाने के साथ साथ दोषी को 25 वर्ष तक पैरोल नही देने का सख्त आदेश दिया और साफ साफ कहा कि ऐसे दोषियों का अंतिम सांस जेल में ही निकालना चाहिए।
इस दौरान संस्था लॉ पावर एसोसिएशन के बाल अधिकार वकील योगेश प्रशाद ने मीडिया को बताया कि इस केस में दोषी पीड़ित परिवार के साथ एक ही वेहडे में रहता था, एक दिन बच्चा अचानक खो गया, और काफी समय तक जब वापिस नही आया तो परिवार बच्चे को खोजने लगा। जब वेहडे के सभी कमरों को देखा गया तो भी बच्चा नहीं मिला, तभी सब लोग वेहडे के हर एक कमरे को देखने लगे, और एक कमरे से किसी ने खून बाहर निकलता देखा तो उसका दरवाजा खोल कर देखा तो अंदर से खून से लथपथ बच्चे का शव मिला। इसके बाद परिवार ने लोगो के साथ पुलिस में सूचना दी और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद लॉ पावर एसोसिएशन संस्था ने केस के बारे सुनकर परिवार से सम्पर्क किया और हमारे साथी बाल अधिकार कार्यकर्ता दिनेश कुमार ने उनसे बातचीत की और केस को समझ कर उनकी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद से लगातार संस्था द्वारा परिवार की मदद की गई और लगभग चार वर्ष बाद आज इस केस में दोषी को सजा हुई। पीड़ित परिवार की आंखों में खुशी के आंसू हैं और परिवार ने तहे दिल से संस्था “लॉ पावर एसोसिएशन” की टीम के शिवम, नरेंद्र, राजू, सुखपाल के साथ साथ माननीय ए डी जे अमरजीत सिंह, सरकारी वकील बी डी गुप्ता व एडवोकेट योगेश प्रशाद व दिनेश कुमार का बहुत बहुत धन्यवाद किया।








