Punjab में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने बड़ा किया बड़ा ऐलान,15 दिसंबर से 15 जनवरी तक टोल प्लाजा बंद करने का फैसला,जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में शुक्रवार को तैयब मस्जिद के सामने ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर से कथित तौर पर गाली-गलौज और हाथापाई करने के आरोप में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। आसिफ मोहम्मद खान एमसीडी चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अरीबा खान के पिता हैं।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि मुख्य आरोपी कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। आसिफ खान के खिलाफ शुक्रवार को शाहीन बाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी को गिरफ्तार करते हुए दो अन्य मिन्हाज और साबिर को भी हिरासत में लिया गया है। उपरोक्त एफआईआर में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट और बदसलूकी करने वाले बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस के अनुसार, शाहीन बाग निवासी आसिफ खान शुक्रवार 25 नवंबर को तैय्यब मस्जिद के सामने एक पोर्टेबल स्पीकर माइक का उपयोग कर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। तभी दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर अक्षय ने इलाके में गश्त के दौरान तैयब मस्जिद के सामने लगभग 20-30 लोगों की भीड़ देखी। वह तुरंत वहां पहुंचे और आसिफ खान से उस सभा की चुनाव आयोग से इजाजत लेने के बारे में पूछताछ की तो वह भड़क गए और उन्होंने माइक के जरिए सरेआम सब-इंस्पेक्टर के साथ गाली-गलौज। जब एसआई ने आसिफ खान के बर्ताव पर आपत्ति जताई तो उनके साथ हाथापाई भी की गई।
इसके बाद सब-इंस्पेक्टर अक्षय वहां से वापस चले गए और आरोपी नेता के खिलाफ शाहीन बाग थाने में तहरीर दी। शिकायतकर्ता पुलिस कर्मी अक्षय की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने आसिफ खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की 186/353 धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की है। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।
गोरखपुर : गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा इलाके में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने फांसी लगाकर जान दे दी। व्यक्ति और उसकी दो बेटियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस कर्मियों ने अपनी शुरूआती जांच में पाया कि बेटियों की स्कूल फीस पिछले पांच महीने से नहीं भरी गई थी।
स्कूल प्रशासन ने कहा कि दोनों लड़कियां अच्छी छात्राएं थीं और उनके शिक्षा रिकॉर्ड के कारण स्कूल प्रबंधन ने फीस के लिए कभी कोई दबाव नहीं बनाया। 45 वर्षीय जितेंद्र श्रीवास्तव अपनी दो बेटियों, 16 वर्षीय मान्या, और 14 वर्षीय मानवी के साथ रहते थे। दोनों लड़कियां एक निजी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ती थीं।
श्रीवास्तव ने 1999 में एक ट्रेन दुर्घटना में अपना एक पैर खो दिया था और उनकी पत्नी सिम्मी की दो साल पहले कैंसर से मृत्यु हो गई थी।पत्नी की मौत के बाद से श्रीवास्तव ने रोजी-रोटी के लिए घर में सिलाई का काम शुरू कर दिया था। वह पिछले दो साल से आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। गोरखपुर के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि एक निजी कंपनी में गार्ड के पद पर कार्यरत जितेंद्र श्रीवास्तव के पिता ओम प्रकाश उस रात ड्यूटी पर थे। अगली सुबह जब वह घर लौटा तो तीनों को फंदे पर लटका पाया और पुलिस को सूचना दी।
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि वीरवार को सिख गुरू तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर लाल किले से देश को संबोधित करेंगे, पीएम मोदी का संबोधन आज रात 9.30 बजे होगा। ये पहला मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूर्यास्त के बाद लाल किले से देश को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वह एक विशेष सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी कि इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए रागी और बच्चे भी समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान सिख गुरु तेग बहादुर के जीवन पर आधारित एक लाइट एंड साउंड शो का प्रदर्शन भी किया जाएगा। पीएमओ ने कहा कि समारोह के दौरान सिखों के पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘‘गटका’’ का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ के तहत किया जा रहा है। पीएमओ के मुताबिक, इस आयोजन का मकसद गुरु तेग बहादुर की शिक्षाओं को रेखांकित करना है।
पीएमओ ने कहा, ‘‘सिख गुरु ने विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्हें मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों की धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए मार डाला गया था।’’ गुरु तेग बहादुर की पुण्यतिथि हर साल शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है। दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं। उनकी विरासत देश के लिए एकजुटता की एक बड़ी प्रेरणा शक्ति के रूप में कार्य करती है।