राम मंदिर में राम लाल की प्राण प्रतिष्ठा पर पहली बार खुलकर बोले राहुल गांधी, कही दिल की बात
राहुल ने मीडिया से बातचीत की और अपने दिल के कई राज खोले. राहुल ने कहा कि वह पिछले साल कन्याकुमारी से कश्मीर चले, जो काफी ऐतिहासिक रही, इसके बाद काफी लोगों के सजेशन आए कि उन्हें पूर्व से पश्चिम तक की यात्रा करनी चाहिए, इसी वजह से उन्होंने यह फैसला लिया.एक टीवी चैनल ने राहुल से सवाल किया कि भाजपा का कांग्रेस और गांधी परिवार को हिंदू विरोधी बताने पर उनकी क्या राय है. इस सवाल पर राहुल ने खुलकर बात की.
जहां एक ओर देश में राम मंदिर के उद्घाटन का शोर है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा भी शुरू हो गई है. राहुल ने इस यात्रा के जरिए देश को समझने और कांग्रेस के लिए 2024 का रूट मैप तैयार करने की कोशिश की है. इसी की वजह से कहीं न कहीं राहुल ने बहुत सोच समझकर अपनी यात्रा की शुरुआत मणिपुर से करने की ठानी थी. आज यात्रा का तीसरा दिन है और आज पहली बार राहुल ने राम मंदिर कार्यक्रम पर खुलकर अपनी बात रखी है.
राहुल की न्याय यात्रा शुरू हो गई है. अपने पूर्वजों के नक्शे कदम पर चलते हुए राहुल पूर्व से पश्चिम की यात्रा कर रहे हैं, जिससे वह कांग्रेस का खोया हुआ मुकाम, उसे वापस दिला पाएं. इसी बीच राहुल ने मीडिया से बातचीत की और अपने दिल के कई राज खोले. राहुल ने कहा कि वह पिछले साल कन्याकुमारी से कश्मीर चले, जो काफी ऐतिहासिक रही, इसके बाद काफी लोगों के सजेशन आए कि उन्हें पूर्व से पश्चिम तक की यात्रा करनी चाहिए, इसी वजह से उन्होंने यह फैसला लिया.
राम मंदिर को लेकर राहुल गांधी ने पहली बार खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मेरी भारत जोड़ो न्याय यात्रा का एक फिक्स रूट है, हम उसी को फॉलो करेंगे. उन्होंने कहा कि 22 जनवरी के समय हम असम में रहेंगे. आरएसएस और भाजपा ने 22 जनवरी के कार्यक्रम को पूरी तरह नरेंद्र मोदी फंक्शन बना दिया है, ये पूरी तरह राजनीतिक कार्यक्रम बन गया है. कांग्रेस के कार्यक्रम को बायकॉट करने वाली बात पर उन्होंने कहा कि आरएसएस और बीजेपी ने 22 तारीख को चुनावी फ्लेवर दे दिया है इसीलिए कांग्रेस अध्यक्ष वहां नहीं जा रहे है. हम सब धर्मों के साथ हैं, जो भी जाना जा सकता है वो वहां जा सकता है. हिंदू संस्कृति के बड़े पुरोधाचार्य लोगों ने भी वहां जाने से मना कर दिया है, ऐसे में हमारे लिए वहां जाना बड़ा मुश्किल है.







