जालंधर में विभिन्न संगठनों ने किया महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन बोले, एसी में बैठने वाले कर्मचारी 3 हजार रुपए में गुजारा करके दिखाएं
जालंधरः देश में लगातार बेलगाम होती महंगाई ने जहां आमजन की कमर तोड़ कर रख दी है, वहीं केंद्र सरकार के खिलाफ भी लोगों में रोष दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, जिसके बाद शुक्रवार को महानगर के वाल्मीकि चौक पर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से बढ़ती महंगाई के खिलाफ रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मौके संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि देश में दिन प्रतिदिन महंगाई आसमान छू रही है। घरेलू गैस का सिलेंडर एक हजार रुपए से ऊपर मिल रहा है, परन्तु सरकार इसके लिए कोई जरूरी कदम नहीं उठा रही है। जाम के दौरान चौक में वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि आशा वर्कर से लेकर आंगनवाड़ी वर्कर तक बहुत सारे ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें मात्र 2500 से लेकर 3000 हजार रुपए वेतन मिलता है। जो नेता और अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर पालिसियां बनाते हैं, वह ढाई से तीन हजार रुपए में गुजारा करके दिखाएं। दिन प्रतिदिन खाने-पीने की चीजों से लेकर डीजल पेट्रोल और गैस के दाम बढ़ते जा रहे हैं।
घरों में रसोई का बजट बिगड़ चुका है। यदि लोग अब नहीं जागे तो फिर बहुत देर हो जाएगी। संयुक्त धरने में नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के नेता वही हैं, जिन्होंने महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोलकर सत्ता हासिल की थी। अब वही लोग सत्ता में बैठकर महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रहे। अब हम लोग महंगाई के खिलाफ और उनके इतने कम वेतन को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को एक ज्ञापन भी भेजेंगे। भारत में जिस तरह से महंगाई अनियंत्रित होती जा रही है, उससे श्रीलंका जैसा माहौल बनता दिखाई दे रहा है।







