
इंग्लैंड में भारतीय दूतावास को घेरने पहुंचे खालिस्तानी
खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों से पहले ही जागरूक इंग्लैंड की पुलिस ने उच्चायोग के बाहर सुरक्षा के सारे प्रबंध पूरे कर रखे थे। उन्होंने खालिस्तानी समर्थकों को उच्चायोग से काफी दूर बैरिकेडिंग करके रोके रखा। वहीं से खालिस्तानी भारत के खिलाफ जहर उगल कर अपनी नारेबाजी करके वापस लौट गए। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
खालिस्तानी वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल को जब पंजाब पुलिस ढूंढ रही थी तो इंग्लैंड में उसके समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया। खालिस्तानी समर्थकों ने उग्र होते हुए एंबेसी पर हमला बोल दिया था। बिल्डिंग पर लगे भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे तो उतार दिया था और उसकी बेअदबी की थी। जिस पर भारत सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया था।
NIA को सौंपी थी जांच इस घटना के बाद भारत सरकार ने इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी थी। NIA ने इंग्लैंड में अपनी टीम भेज कर घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान के लिए वहां से सारे वीडियो कलेक्ट किए थे। इसके बाद उन्हें पब्लिक डोमेन में डाल कर आरोपियों की पहचान बताने के लिए लोगों का सहयोग मांगा था और उसके बाद कई खालिस्तानी समर्थकों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया हुआ है।







