सजीपीसी ने सिख गुरुओं, उनके परिवार के सदस्यों से संबधित फिल्मों पर लगाया प्रतिबंध
अमृतसर -शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सिख भावनाओं के मद्देनजर अपने अगले फैसले तक किसी भी तरह की फिल्मों के माध्यम से गुरु साहिब और उनके परिवार के सदस्यों के चित्रण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह फैसला अधिवक्ता हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में मंगलवार को यहां हुई धर्म प्रचार कमेटी की बैठक में लिया गया। इसके साथ ही सिख जनरल अकाली बाबा फूला सिंह की 200 साल की शहादत शताब्दी मनाने के लिए शिरोमणि कमेटी और निहंग सिंह पार्टियों के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है। एसजीपीसी के अध्यक्ष धामी ने कहा कि हाल ही में सिख गुरुओं और उनके परिवार के सदस्यों पर फिल्म बनाने की प्रवृत्ति के कारण सिख संगत में भारी रोष है, जिसे देखते हुए शिरोमणि कमेटी ने गुरुओं पर फिल्म बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। किसी भी तरह की फिल्मों के माध्यम से और उनके परिवार के सदस्यों के चरित्र के फिल्मांकन पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले पर शिरोमणि कमेटी के पास समय-समय पर विभिन्न धार्मिक समाजों और जमातियों की आपत्तियां पहुंचती रही हैं, जिसके कारण गुरु साहिब और उनके परिवार से जुड़ी फिल्मों पर अगले फैसले तक रोक लगाई जाएगी। अगले वर्ष मार्च में आने वाले अकाली बाबा फूला सिंह की 200 साल की शहीदी शताब्दी के संबंध में उन्होंने कहा कि इस संबंध में निहंग सिंह संगठन और शिरोमणि कमेटी संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस बारे में शिरोमणि पंथ अकाली बुढा दल के प्रमुख जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह से विचार-विमर्श कर एक संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कमेटी में शिरोमणि कमेटी और निहंग सिंह दल के तीन सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
अधिवक्ता धामी ने कहा कि धार्मिक आंदोलन को और बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में एक विशेष वैन तैयार की गई है, जिसमें प्रचारक गांव-गांव जाएंगे। सीमावर्ती इलाकों में विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों में धार्मिक दीवानों के साथ-साथ मिशनरी समूह परिवारों के साथ सिख इतिहास, सिद्धांतों और नैतिकता के बारे में चर्चा करेंगे, ताकि लोग सिख धर्म की उत्पत्ति को आसानी से समझ सकें। इस दौरान शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने भी धार्मिक प्रवचन के लिए तैयार वैन को रवाना किया, जिसका उपयोग शहीद सिख मिशनरी कॉलेज की देखरेख में धर्म प्रचार कार्य के लिए किया जाएगा।








