BJP भविष्य के रोडमैप बनाने में जुटी, संगठन मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक के साथ होगा मंथन
लोकसभा चुनाव में मिले सियासी झटके बाद बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव और उपचुनाव में किसी भी तरह से कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती है. पार्टी नए सिरे से खुद की पैठ जमाने और भविष्य की दशा-दिशा तय करने के लिए नई रणनीति बनाएगी, जिसकी तैयारी उसने शुरू कर दी है. एक अगस्त से बीजेपी अपने सदस्यता अभियान की शुरुआत करेगी.
लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से बीजेपी में लगातार बैठकों का दौर जारी है. देश के अलग-अलग राज्यों में कार्यसमिति की बैठकों के बाद बीजेपी अब दिल्ली में मंथन का सिलसिला शुरू हो गया है, जिसमें पार्टी नए सिरे से खुद की पैठ जमाने और भविष्य की दशा-दिशा के लिए रणनीति बनाने का प्लान है. इस कड़ी में बीजेपी पहले सभी राज्य के संगठन मंत्रियों के साथ मंथन करेगी और उसके बाद बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होगी. इसके बाद बीजेपी और आरएसएस के बीच समन्वय बैठक केरल में होनी. इस तरह से बीजेपी एक हफ्ते तक तबड़तोड़ बैठकें करके दोबारा से उभरने का रोडमैप तैयार करेगी.
लोकसभा चुनाव में मिले सियासी झटके बाद बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव और उपचुनाव में किसी भी तरह से कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती है. बीजेपी ने गुरुवार से अपने संगठन मंत्रियों की बड़ी बैठक कर रही है, जो शुक्रवार तक चलेगी. बीजेपी मुख्यालय में संगठन मंत्रियों की हो रही दो दिवसीय बैठक में लोकसभा चुनाव नतीजों की समीक्षा की जानी है. इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा और आगे की रणनीति भी तैयार की जाएगी.
संगठन मंत्रियों के बैठक के बाद बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होनी है, जो शनिवार और रविवार को होगी. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने अपने मुख्यमंत्रियों की बैठक ऐसे समय रखी है, जब सभी सीएम नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के लिए 27 जुलाई को दिल्ली आ रहे हैं. नीति आयोग की बैठक में शिरकत करने के साथ-साथ बीजेपी कार्यलय में होने वाली पार्टी की बैठक में भी शामिल होंगे.







