बिजली संशोधन बिल पर भड़के पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दी यह चेतावनी
चंडीगढ़ः केंद्र सरकार ने लोकसभा में बिजली संशोधन विधेयक पेश किया है जिस पर सियासत गरमा गई है। किसानों के अलावा कई राज्य सरकारें भी इस बिल के खिलाफ हैं। बिजली संशोधन विधेयक को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इसका कड़ा विरोध किया है। सीएम मान ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को कठपुतली न समझे। मान ने कहा कि हम अपने अधिकार के लिए सड़क से संसद तक लड़ेंगे। इस बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर राज्यों के अधिकारों पर हमला कर रही है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने किसानी संघर्ष दौरान भी बिजली संशोधन विधेयक संसद में पेश करने को कहा था, लेकिन सरकार ने कड़े विरोध के चलते अपना फैसला बदल दिया था। किसानों के विरोध के चलते केंद्र सरकार को भी 3 कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। आज लोकसभा में विद्युत संशोधन विधेयक पेश किया गया है और किसानों के अलावा मुख्यमंत्री मान ने भी केंद्र सरकार को इस बिजली विधेयक के खिलाफ लड़ने की चेतावनी दी है।
वहीं, वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 2020 में यह बिल लाया गया तो किसानों ने इसका विरोध किया। तब केंद्र ने इसे वापस ले लिया। उस वक्त केंद्र ने कमिटमेंट की थी कि राज्यों के साथ सलाह कर इसे दोबारा लाएंगे। इसके बावजूद किसी राज्य से चर्चा नहीं की और बिल ले आए। चीमा ने इसे संघीय ढांचे पर बहुत बड़ा हमला करार दिया। चीमा ने कहा कि इस बिल के आने से बिजली क्षेत्र प्राइवेट हाथों में चला जाएगा। इससे आम आदमी का जीना मुश्किल हो जाएगा।







