PMFBY के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी केंद्र सरकार, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है तैयारी

PMFBY के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी केंद्र सरकार, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है तैयारी

 

PMFBY के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी केंद्र सरकार, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है तैयारी
सरकार की योजना PMFBY के तहत पंजीकृत 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है.

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करने जा रही है. सरकार की कोशिश PMFBY के तहत पंजीकृत करीब 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है. इस अभियान के दौरान किसानों को रबी सीजन के लिए कराए गए बीमा का पॉलिसी पेपर दिया जाएगा. इसकी शुरुआत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) करेंगे.

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में 26 फरवरी को केंद्रीय मंत्री तोमर इस अभियान की शुरुआत करेंगे. तोमर ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्यों की सक्रिय भागिदारी जरूरी है. बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि मंत्रालय ने उन सभी 20 राज्यों को पत्र लिखा है, जहां पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू है. राज्यों से पत्र में कहा गया है वे बीमा कंपनियों के साथ मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए काम करें.

19 राज्यों में 98.65 करोड़ किसान पंजीकृत

PMFBY के तहत वर्तमान रबी सीजन में 19 राज्यों में करीब 98.65 लाख किसान नामांकित हैं. कर्नाटक को अभी डेटा जमा करना है. इन किसानों के 3.30 करोड़ आवेदनों में से 73.5 प्रतिशत कर्जदार हैं और शेष 26.5 प्रतिशत गैर कर्जदार हैं. केंद्र सरकार ने यह राज्यों पर छोड़ दिया है कि गैर-ऋणी किसानों को कार्यक्रम के तहत कवर किया जाना चाहिए या नहीं.

एक अधिकारी ने बिजनेस लाइन से बताया कि गैर-ऋणी किसान आम तौर पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से अपना नामांकन कराते हैं और वहां से रसीद प्राप्त करते हैं. उन्हें पॉलिसी पेपर की जरूरत नहीं पड़ती जबकि अधिकांश कर्जदार किसानों के पास अपने नामांकन का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है, क्योंकि यह ऋण देने वाले बैंकों के माध्यम से किया जाता है.

केंद्र ने राज्यों को ग्राम पंचायत सदस्यों, संबंधित विभागों के जमीनी स्तर के अधिकारियों, स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को बैठक में आमंत्रित करने का सुझाव दिया है, जहां पॉलिसी पेपर वितरित किए जाएंगे. केंद्र ने राज्यों से इन बैठकों के माध्यम से प्राकृतिक खेती और कृषि में ड्रोन तकनीक को अपनाने के बारे में प्रचार-प्रसार करने को भी कहा है.

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