LAC पर -40 डिग्री तापमान में भी गिद्द सी नजरें गड़ाए हैं भारतीय जवान,ताकि ड्रैगन न कर सके कोई नापाक हरकत…

LAC पर -40 डिग्री तापमान में भी गिद्द सी नजरें गड़ाए हैं भारतीय जवान,ताकि ड्रैगन न कर सके कोई नापाक हरकत…

 

चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन में पीएलए पूरी तरह से तैनात है, जिसमें रॉकेट, आर्मर, आर्टिलरी और मिसाइल सपोर्ट रेजीमेंट के साथ सेना के दो डिवीजन और बॉर्डर गार्ड डिवीजन हैं.

LAC पर गंदी नजरें टिकाए है 'ड्रैगन', -40 डिग्री तापमान में भी गिद्द सी नजरें गड़ाए हैं भारतीय जवान

लद्दाख में सेना ने तैनात किए जवान.

सर्दियों के मौसम में घुसपैठ की कोशिशें तेज हो जाती हैं. भारत के लिए सबसे बड़ा चैलेंज चीनी सेना की हरकतें हैं. ड्रैगन की गंदी नजरें भारतीय क्षेत्र में घुसने की हैं. LAC के आसपास इस वक्त भीषण ठंड है और बर्फबारी हो रही है. भारतीय सेना के जवान अपनी सरहद की हिफाजत के लिए हर वक्त इसका सामना कर रहे हैं. 12 नवंबर को आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया कि चीन एलएसी के साथ-साथ बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. उन्होंने ये भी बताया कि लद्दाख में कब्जे वाले अक्साई चिन में पीएलए सैनिकों की तैनाती में कोई खास कमी नहीं हुई.

चीन के साथ 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है. भारतीय सेना भीषण बर्फबारी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमांड और रिजर्व के रूप में लाए गए तीन संयुक्त सशस्त्र ब्रिगेड की आवाजाही पर नजर रख रही है. विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने बार-बार कहा है कि एलएसी पर शांति ही द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने की एकमात्र कुंजी है, जिसे मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में पीएलए के उल्लंघन के बाद गहरा झटका लगा था. 12 नवंबर को भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर दिया कि चीन एलएसी में उकसाने वाली हरकतें कर रहा है.

 

17वें दौर की बातचीत अभी तय नहीं

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक के 17वें दौर की तारीखों को अभी भी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. भारतीय सेना की शीतकालीन स्थिति इस बात पर भी निर्भर करेगी कि क्या तीन संयुक्त सशस्त्र ब्रिगेड (प्रत्येक ब्रिगेड में लगभग एक डिवीजन में 4,500 सैनिक हैं) अपने ठिकानों पर वापस जाएं या पश्चिमी थिएटर कमांड में गहराई वाले क्षेत्रों में तैनात रहें. जानकारी के मुताबिक जॉइंट आर्म्ड ट्रुप्स को चीन-भूटान सीमा के पास सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पार फरी दज़ोंग क्षेत्र के आसपास PLA ने रिजर्व के रूप में तैनात किया गया है.

एलएसी पर चीन की कई सैन्य टुकड़ियां

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दो अन्य PLA ब्रिगेड अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं. इन तीनों ब्रिगेड को पीएलए के पूर्वी और दक्षिणी थिएटर कमांड से वेस्टर्न थिएटर कमांड में शामिल किया गया था. अब जब 20वीं पार्टी कांग्रेस समाप्त हो गई है और शी जिनपिंग तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुने गए हैं तो राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों को उम्मीद है कि पीएलए ब्रिगेड अपने मूल ठिकानों पर वापस चले जाएंगे. वरना सर्दियों के दौरान भारतीय सेना की तैनाती को गहराई वाले इलाकों में अतिरिक्त बलों को मुस्तैद करना पड़ेगा.

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