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  • अमेरिका ने दिया भारतीयों को दिवाली गिफ्ट, भारत के H&L वीजा के 1 लाख आवेदन किए स्वीकार…

    अमेरिका ने दिया भारतीयों को दिवाली गिफ्ट, भारत के H&L वीजा के 1 लाख आवेदन किए स्वीकार…

    वाशिंगटन : अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों को अमेरिकी दूतावास ने बड़ी राहत दी है यां यूं समझिये कि अमेरिकी सरकार ने भारतीयों को दिवाली गिफ्ट दिया है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को एच और एल वर्कर वीजा श्रेणियों और उनके परिवार के सदस्यों के एक लाख से अधिक अप्वाइंटमेंट स्वीकार कर लिए हैं। इसकी जानकारी अमेरिकी दूतावास ने ट्वीट करके दी। पिछले महीने भारतीय विदेश मंत्री अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया था। जिसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस समस्या का हल होगा।

    भारत में अमेरिकी दूतावास ने ट्वीट में लिखा है कि, ‘रोजगार आधारित वीजा की हाई डिमांड के चलते, यूएस मिशन टू इंडिया ने हाल ही में H&L वीजा कर्मचारियों और उनके परिवारों को 1 लाख से अधिक अपॉइनमेंट दिए हैं। ‘ इसके आगे यूएस एंबेसी ने लिखा है कि, ‘हजारों आवेदनकर्ताओं ने पहले ही अपॉइनमेंट बुक कर लिए हैं हमने मिशन इंडिया के चलते पहली बार अपॉइनमेंट और इंटरव्यू वेवर में लगने वाला समय आधा कर दिया है। यह बड़ी मात्रा में स्वीकार किए गए अपॉइनमेंट H&L कर्मचारियों के लिए हमारी प्रतिबद्धता दिखाती है।’

    दूतावास ने एक के बाद एक तीन ट्वीट में यह जानकारी दी है। एंबेसी ने तीसरे ट्वीट में लिखा, ‘वास्तव में, 2022 के पहले नौ महीनों में, यूएस मिशन टू इंडिया ने पहले ही 160,000 से अधिक H&L वीज़ा जारी किए हैं। हम संसाधनों की अनुमति के अनुसार आगे भी H&L कर्मचारियों को प्राथमिकता देना जारी रखेंगे।’

    इससे पहले पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ बातचीत में भारत से अमेरिकी वीजा आवेदनों के काफी संख्या में पेंडिंग होने का मुद्दा उठाया था। इस मसले पर शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि वह इस मामले के प्रति संवेदनशील हैं, और इसे सुलझाने के लिए उनके पास योजना है।

    इस बातचीत के दौरान ब्लिंकन ने भारतीय नागरिकों के वीजा आवेदनों के देरी होने के लिए कोविड-19 महामारी को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका की ओर से मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग सभी वीजा आवेदनों पर आगे बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने के बाद अमेरिकी वीजा सेवाएं अब लंबित आवेदनों को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं।

  • रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दी NATO को चेतावनी,वैश्विक तबाही के लिए तैयार रहे NATO 

    रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दी NATO को चेतावनी,वैश्विक तबाही के लिए तैयार रहे NATO

    मॉस्को : क्रीमिया ब्रिज पर हमले के बाद यूक्रेन को सबक सिखाने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर ‘वैश्विक तबाही’ की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ और सख्त लहज़े में यह कहा है कि अगर NATO आर्मी ने रूस की सेना से भिड़ने की कोशिश की, तो वैश्विक तबाही होने से कोई नहीं रोक सकता। पुतिन ने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि रूसी सेना के साथ नाटो सैनिकों का सीधा टकराव पूरी दुनिया के लिए बड़ी तबाही ला सकता है। पुतिन ने कहा कि यह एक खतरनाक कदम साबित हो सकता है, जिससे पूरी दुनिया को दो-चार होना पड़ेगा।

    रूसी राष्ट्रपति ने चेतावनी भरे लहज़े में कहा कि जो ऐसा करने की सोच रहे हैं, मुझे उम्मीद है कि वो इतने समझदार हैं कि ऐसा कदम न उठाएं। पुतिन ने कई बार यूक्रेन के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है, जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है।

    पुतिन ने यूक्रेन से वार्ता में चीन और भारत की संभावित मध्यस्थता के बारे में बात करते हुए कहा कि चीन और भारत ने हमेशा बातचीत कायम करने और यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। इस सम्मेलन में पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन में उनके बलों को मजबूती देने के लिए सैन्य प्रशिक्षण वाले नागरिकों की सेना में तैनाती संबंधी उनके फैसले पर दो हफ्ते में पूरी तरह अमल किया जाएगा। पुतिन ने पिछले महीने यह आदेश दिया था।

    पुतिन ने कहा कि 2,22,000 से 3,00,000 सैन्य प्रशिक्षण वाले नागरिकों की सेना में तैनाती संबंधी आदेश पर अमल शुरू किया जा चुका है, इनमें से 33,000 पहले ही सेना में शामिल हो चुके हैं। जबकि 16,000 जवान यूक्रेन में जारी सैन्य अभियान का हिस्सा हैं। पुतिन द्वारा सितंबर में जारी इस आदेश के तहत 65 साल से कम आयु के लगभग सभी पुरुष सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त नागरिकों के रूप में पंजीकृत हैं। इस फैसले पर आम जनता में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद हजारों लोग रूस छोड़कर पड़ोसी देशों में पलायन करने लगे थे।

  • J&K  के बांदीपोरा में सुरक्षा में जुटी पुलिस को मिली कामयाबी, आईईडी हुआ बरामद

    J&K  के बांदीपोरा में सुरक्षा में जुटी पुलिस को मिली कामयाबी, आईईडी हुआ बरामद

     

     

    श्रीनगर : सुरक्षा बलों ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकवादियों द्वारा लगाए गए एक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को बरामद किया। पुलिस ने कहा कि शनिवार सुबह बांदीपोरा-सोपोर मार्ग पर अष्टिंगो गांव में सुरक्षा बलों ने 18 किलोग्राम वजन का एक आईईडी बरामद किया।

    पुलिस ने कहा, “सड़क पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और विस्फोटक उपकरण को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है।”

  • कार्बन डेटिंग की मांग खारिज होने पर बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले,सच्चाई को कोई दबा नहीं सकता…

    कार्बन डेटिंग की मांग खारिज होने पर बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले,सच्चाई को कोई दबा नहीं सकता…

     

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक नेता ने मामले के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है. आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सच्चाई को कोई भी ताकत नहीं दबा सकती.

    कार्बन डेटिंग की मांग खारिज होने पर बोले RSS नेता...सच्चाई को कोई दबा नहीं सकता

    आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार

     

    ज्ञानवापी केस में वाराणसी की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. माना जा रहा है कि कोर्ट का यह फैसला हिन्दू पक्ष के लिए एक बड़ा झटका है. कोर्ट ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा. कोर्ट के फैसले से हिन्दू पक्ष नाराज है और इस मामले के वकील सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक नेता ने मामले के संबंध में एक बड़ा बयान दिया है. आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सच्चाई को कोई भी ताकत नहीं दबा सकती

    मामले के संबंध में दिए एक बयान में इंद्रेश कुमार ने कहा कि इससे पहले राम मंदिर से संबंधित मामले में तमाम अड़चनें आई थी, लेकिन अंत में सच्चाई की जीत हुई. वहीं हिन्दू पक्ष के वकील ने कहा कि उनके पास अभी हाई कोर्ट जाने का ऑप्शन है और वे वाराणसी अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दंगे. वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि कोर्ट ने हमारी कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दी है. हम आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं. हमारे पास हाई कोर्ट जाने का ऑप्शन है और हम अपनी मांगें हाई कोर्ट के सामने भी रखेंगे.

    वाराणसी कोर्ट का फैसला गलत, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

    वहीं कोर्ट में ज्ञानवापी केस के सिलसिले में पेश हुए वकील विष्णु जैन ने कहा कि कोर्ट ने हमारी कार्बन डेटिंग की मांग को खारिज कर दी है. उन्होंने कहा कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनैती देंगे. हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई तारीख नहीं बताई है. वकील जैन ने कहा कि “मैं अभी तारीख नहीं बता सकता हूं, लेकिन हम इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.” उन्होंने वाराणसी कोर्ट के फैसले को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मामले में कोर्ट ने फैसले दिए हैं, तब हमने यह नहीं कहा कि यह किसी पक्षा के लिए झटका है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर केस में भी कई ऐसे मोड़ आए थे लेकिन अंत में जीत हमारी हुई.

  • केदारनाथ में रोपवे प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी , सिर्फ 30 मिनट में पूरी होगी यात्रा; 1000 करोड़ रुपए होंगे खर्च

    केदारनाथ में रोपवे प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी , सिर्फ 30 मिनट में पूरी होगी यात्रा; 1000 करोड़ रुपए होंगे खर्च

     

    देहरादून : केदारनाथ के लिए रोपवे का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना को राष्ट्रीय वन्य जंतु बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। परियोजना पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। रोपवे बन जाने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

    प्रमुख सचिव, वन एवं लोनिवि, आरके सुधांशु ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय वन्य जंतु बोर्ड ने केदारनाथ सेंक्चुरी एरिया में रोपवे के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। साथ ही केदारनाथ के पैदल ट्रैक व हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को भी बोर्ड ने हरी झंडी दिखा दी है। इन परियोजनाओं का निर्माण केंद्र सरकार की पर्वतमाला परियोजना के तहत किया जाएगा। इस परियोजना में कुल 26 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।

    केदारनाथ के लिए रोपवे बन जाने के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ की यात्रा महज 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। रोपवे की क्षमता प्रति घंटा पांच हजार यात्रियों को ले जाने की होगी। साथ ही राष्ट्रीय वन्य जंतु बोर्ड ने रामबाड़ा से गरुड़चट्टी तक साढ़े पांच किलोमीटर पैदल ट्रैक के निर्माण को भी मंजूरी दे दी है। यह मार्ग 2013 की आपदा में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

    हेमकुंड साहिब रोपवे को भी हरी झंडी राष्ट्रीय वन्य जंतु बोर्ड ने सेंचुरी क्षेत्र नहीं होने के कारण हेमकुंड रोपवे परियोजना को मंजूरी को जरूरी नहीं माना। ऐसे में अब इस परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है।

  • हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने  बजाय चुनावी बिगुल, 12 नवंबर को वोटिंग; 8 दिसंबर को आएंगे नतीजे

    हिमाचल में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने  बजाय चुनावी बिगुल, 12 नवंबर को वोटिंग; 8 दिसंबर को आएंगे नतीजे

    नई दिल्ली :  हिमाचल में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने आज प्रैस कांफ्रेंस करते हुए हिमाचल में चुनावों की तरीखों का ऐलान कर दिया है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने बताया कि प्रदेश में 12 नवंबर को चुनाव होगा। वहीं 8 दिसंबर को नतीजों का ऐलान होगा। बता दें कि चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोग की टीमों ने हाल ही में हिमाचल और गुजरात का दौरा किया था।

    चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम विधानसभा के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नए मतदाता, महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांग जनों को भागेदारी महत्वपूर्ण है। कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान में हिस्सा लें। उन्होंने कहा, ‘सभी मतदान केंद्र सुगम, सुरक्षित और सहज होंगे। सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर रखे जाएंगे। पानी, वेटिंग शेड, टॉयलेट, लाइटिंग की सुविधा होगी।’

    चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ‘कुछ पोलिंग बूथ की कमान महिलाओं को दी जाएगी। घर से पोस्टल बैलेट के जरिए वोटिंग करने का अधिकार मिलेगा। वोट डालने में प्राथमिकता दी जाएगी। सहयोगी और व्हीलचेयर प्रदान किए जाएंगे। पिक एंड ड्रॉप फैसिलिटी मुहैया कराई जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘अपने उम्मीदवारों को जानने के लिए सभी जानकारी उपलब्ध रहेगी। ये नागरिकों का अधिकार है। उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान तीन बार अखबारों और टीवी चैनल पर एड के जरिए अपराधिक जानकारी देनी होगी।’

    हिमाचल प्रदेश में सीटें
    हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2017 में विधानसभा चुनाव हुए थे। चुनाव के बाद, भाजपा ने जय राम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने के साथ सरकार बनाई थी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 68 सीटें हैं। तब राज्य की 17 विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थीं, जबकि तीन सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थीं। राज्य में 48 विधानसभा सीटें सामान्य वर्ग के लिए थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 44, कांग्रेस ने 21 और अन्य ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी।

  • फ्लाइट में बम की सूचना, आनन-फानन में दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारे गए यात्री,जानें पूरी खबर…

     फ्लाइट में बम की सूचना, आनन-फानन में दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारे गए यात्री,जानें पूरी खबर…

     

     

    नई दिल्ली : मॉस्को से दिल्ली आ रही फ्लाइट में शुक्रवार अल-सुबह बम रखे होने की सूचना मिली। सुचना मिलने के बाद ही अफरा तफरी मच गई। फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट तड़के 3.20 बजे लैंड हुई। आनन-फानन में सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को नीचे उतारा गया। इसके बाद फ्लाइट की जांच की गई। फ्लाइट में 386 यात्री और 16 क्रू मेंबर्स थे।

    जानकारी के अनुसार अधिकारियों को अब तक विमान में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामले को लेकर छानबीन शुरू कर दी गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कंट्रोल रूम की सोशल मीडिया साइट पर गुरुवार देर रात 11 बजे रूस से आ रहे विमान में बम की सूचना मिली थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि फ्लाइट में बम होने की जानकारी सीआईएसएफ को ईमेल के जरिए मिली।

    इससे पहले पिछले हफ्ते ही डीजीसीए को ईरान से चीन जा रही एक फ्लाइट में भी बम होने की सूचना मिली थी। तब भारत की तरफ से एहतियात बरतते हुए ईरान की महान एयर की इस फ्लाइट को जयपुर में लैंड करने की पेशकश की गई थी। वायुसेना ने फ्लाइट को लैंड कराने के लिए सुखोई लड़ाकू विमान भी भेजे थे। हालांकि, बाद में इस फ्लाइट में बम की सूचना झूठी साबित हुई थी।

  • गोलीबारी से हड़कंप, पुलिस अधिकारी समेत 5 लोगों की मौत ..

     गोलीबारी से हड़कंप, पुलिस अधिकारी समेत 5 लोगों की मौत ..

     

     

    दक्षिणी अमेरिकी राज्य उत्तरी कैरोलिना में गुरुवार शाम पांच बजे के बाद यहां के एक रिहायशी इलाके में गोलीबारी हुई, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पुलिसकर्मी समेत पांच लोगों के मारे जाने की खबर है। रैले मेयर मैरी-एन बाल्डविन ने संवाददाताओं को बताया कि गुरुवार शाम 5 बजे के आसपास नेउज रिवर ग्रीनवे पर कई लोगों को गोली मार दी गई थी, और पुलिस विभाग ने उन्हें लगभग 8 बजे बताया कि संदिग्ध को इलाके में स्थित घर में कैद कर लिया गया है।

    गवर्नर रॉय कूपर ने शाम 7 बजे  एक ट्वीट में लिखा, ‘राज्य और स्थानीय अधिकारी जमीन पर हैं और शूटर को रोकने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं।’ इससे पहले, वेकमेड अस्पताल के प्रवक्ता डेब लॉरी ने कहा कि शूटिंग से जुड़े कम से कम 4 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन कोई अन्य जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं थी। पुलिस ने क्षेत्र में कई सड़कों को बंद कर दिया, और सुरक्षा एजेंसियों की कई गाड़ियों को सड़क पर और दो मंजिला घरों के रास्ते में खड़ा देखा जा सकता था। हेडिंगम, नेउज रीवर ग्रीनवे ट्रेल की सीमा में है, और रैले से लगभग 9 मील (14 किलोमीटर) दूर है।

    अमेरिका में गोलीबारी की वारदातें आम बात हो गई हैं। इससे पहले 9 अक्टूबर को उत्तरी-दक्षिण कैरोलिना में एक घर में गोलीबारी हुई थी। इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया था कि गोलीबारी में 4 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि एक घायल व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

  • पंजाब के CM भगवंत मान ने SYL नहर निर्माण से किया इंकार,हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर बोले पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम, नहीं बनी कोई सहमति

    पंजाब के CM भगवंत मान ने SYL नहर निर्माण से किया इंकार,हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर बोले पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम, नहीं बनी कोई सहमति

     

    चंडीगढ़- एसवाईएल मुद्दे को लेकर आज पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच हाईलेवल मीटिंग हुई। लेकिन बैठक में दोनों राज्यों के बीच कोई भी सहमति नहीं बन सकी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पंजाब के पास पानी बहुत सीमित मात्रा में है, ऐसे में पंजाब हरियाणा को पानी नहीं दे सकता। बैठक के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि बैठक में सहमति नहीं बन पाई।

     

     

    जब पानी ही नहीं तो एसवाईएल के निर्माण का क्या मतलब
    भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा का कहना है कि पहले एसवाईएल का निर्माण कर दिया जाए। पानी फिर देख लेंगे। मान ने कहा कि ऐसे नहीं होता है, जब पानी ही नहीं है तो एसवाईएल के निर्माण का क्या मतलब। पंजाब के सीएम ने कहा कि पंजाब का वाटर लेबल लगातार कम होता जा रहा है। राज्य के पास अपने लिए ही पानी नहीं है।

     

    नहीं बदला पंजाब का अड़ियल रुख- मनोहर लाल खट्टर
    वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पंजाब अपने पुराने रुख पर कायम रहा और इस कारण बैठक मेंं कोई सहमति नहीं बनी। मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के पक्ष में फैसला दे चुका है, लेकिन पंजाब अड़‍ियल रुख नहीं बदला है।

    मान ने एसवाईएल को लेकर आंकड़े रखे सामने
    मान ने साफ तौर पर स्पष्ट करते हुए आंकड़ों के साथ एसवाईएल को लेकर अपनी बात सबके सामने रखी। मान ने कहा कि जब सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का समझौता हुआ था उस समय पंजाब के पास 18.56 एमएएफ पानी था, जो कि अब घटकर 12.6 फीसदी पानी रह गया है। मान ने कहा कि पानी की डिमांड करने वाले पहले पंजाब में पानी माप लें। हो सकता है पंजाब को कहीं और से पानी देने की जरूरत पड़ जाए।

    हल निकालने के लिए चलते है पीएम मोदी के पास
    भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कहा कि दोनों मिलकर पीएम के पास चलते हैं। उन्हें पानी की समस्या के बारे में बताते हैं। पीएम किसी और राज्य से हरियाणा के लिए पानी की व्यवस्था कर सकते हैं।

    गौरतलब है हरियाणा एसवाईएल नहर के निर्माण को पूरा करने की मांग कर रहा है, ताकि उसे पानी का 35 लाख एकड़ फीट का अपना हिस्सा मिल सके। एसवाईएल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पक्ष में फैसला सुनाया था और केंद्र सरकार को फैसला लागू कराने के लिए मध्यस्थता की जिम्मेदारी सौंपी है।

  • कोर्ट ने खारिज की ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की जांच की मांग 

    कोर्ट ने खारिज की ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की जांच की मांग

     

     

    MBD WEB NEWS :- वाराणसी : वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग नहीं होगी। शुक्रवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने मामले पर सुनवाई की। जिला जज ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से आपत्ति दाखिल करने और उस पर बहस के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया था।

    अगस्त 2021 में 5 महिलाओं ने श्रृंगार गौरी में पूजन और विग्रहों की सुरक्षा को लेकर याचिका डाली थी। इस पर सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर ज्ञानवापी का सर्वे कराने का आदेश दिया था। हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि सर्वे के दौरान शिवलिंग मिला, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा था कि ये एक फव्वारा है। इसके बाद हिंदू पक्ष ने विवादित स्थल को सील करने की मांग की थी. सेशन कोर्ट ने इसे सील करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

    SC ने केस जिला जज को ट्रांसफर कर इस वाद की पोषणीयता पर नियमित सुनवाई कर फैसला सुनाने का निर्देश दिया था। जिला जज ने पूजा की मांग वाली याचिका को सुनवाई योग्य माना था।