जोशीमठ को लेकर एक्सपर्ट ने किया डराने वाला दावा,जानें पूरी खबर…

 जोशीमठ को लेकर एक्सपर्ट ने किया डराने वाला दावा,जानें पूरी खबर…

 

 

जोशीमठ में दरकते मकान, धंसती जमीन…यह सब भयंकर तबाही का दस्तक है. यहां 723 भवनों को भू-धंसाव प्रभावित के रूप में चिह्नित किया गया है. इनमें से बुधवार तक 145 परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में विस्थापित किया गया था.

 

तो क्या इतिहास बन जाएगा जोशीमठ! एक्सपर्ट ने किया डराने वाला दावा

संकट में जोशीमठ का अस्तिव

जोशीमठ का अस्तिव रहेगा या खत्म हो जाएगा, यह कहना मुश्किल है. इस शहर में फिलहाल जो हो रहा है वह किसी त्रासदी से कम नहीं है. दरकते मकान, धंसती जमीन…यह सब भयंकर तबाही का दस्तक है. वहीं, इस बीच एनवायरनमेंट एक्सपर्ट ने चौंकाने वाली बात कही है. उनका कहना है कि जोशीमठ को कभी रिपेयर नहीं किया जा सकता है. इस दौरान उन्होंने एनटीपीसी के इंजीनियरों पर बड़ा आरोप लगाया.

एनवायरनमेंट एक्सपर्ट विमलेंदु झा ने कहा कि जोशीमठ को कभी रिपेयर नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जोशीमठ में जो मौजूदा हालात हैं, उसे रिवर्स गियर में नहीं ले जाया जा सकता. उन्होंने कहा कि एनटीपीसी के इंजीनियरों पूरे जोशीमठ को तबाह कर रख दिया. झा ने आगे कहा कि हाइडेल प्रोजेक्ट को जोशीमठ से नहीं नहीं गुजरना चाहिए. उन्होंने कहा कि पहाड़ों को जिस तरह से खोदा जा रहा है वही जोशीमठ आपदा का परिणाम है.

 

सभी मिट्टी खुदाई योग्य नहीं होती

विमलेंदु झा ने कहा कि हर मिट्टी समतल मिट्टी नहीं होती है, जिसे खोदा जाए. इंजीनियर्स को मिट्टी के प्रकार को समझने की दरकार है. इंजीनियरिंग कॉलेजों में इसे पढ़ाए जाने की जरूरत है. जलोढ़, लेटराइट, रेगिस्तान, काली कपास, पीट, और बहुत कुछ. झा ने कहा कि हिमालय उच्च भूकंपीय क्षेत्र में सबसे कम उम्र की पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है. यहां की मिट्टी को खोदने का परिणाम लोगों को पता चल रहा है.

प्राकृतिक आपदाएं प्राकृतिक नहीं होती

एनवायरनमेंट एक्सपर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं प्राकृतिक नहीं होती है. इस दौरान उन्होंने चमोली फ्लैश फ्लड का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा किफरवरी 2021 में चमोली में बाढ़ आई थी. यहां भी यही प्रोजेक्ट था. इसी के कारण वहां ऐसा हुआ था. झा ने इस दौरान राजनीतिक दलों और अधिकारियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा अधिक लाभ पाने के लिए ये लोग ज्यादातर निजी कंपनियों और ठेकेदारों के पागल हो जाते हैं.

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