Bihar में बारिश का कहर 10 दिन के भीतर पांचवां पुल धराशायी, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का आपस में संपर्क टूटा

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Rain wreaks havoc in Bihar, fifth bridge collapsed within 10 days, more than two dozen villages lost contact with each other

Bihar में बारिश का कहर 10 दिन के भीतर पांचवां पुल धराशायी, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का आपस में संपर्क टूटा

 

  •  सीवानः इस वक्त एक बड़ी खबर बिहार से सामने आ रही है। जिसके तहत में बीते दिन हुई भारी बारिश के चलते सीवान में स्थित गंडक नहर पर बना पुल का एक पिल नदी में धंस गया है। जिस कारण पुलि एक छोर पर नदी में ढह गया था। पुलिस के टूटने के कारण करीब दो दर्जन से ज्यादा दांवों का आपस में संपर्क टूट गया है। बता दें कि 22 जून को गांव के लोगों द्वारा पुल की जर्जर हालत होने के कारण 22 जून को विरोध प्रदर्शन भी किया गया था।

मिली जानकारी के अनुसार सीवान गंडक नहर पर बना पुल का एक पिलर नदी में धंस गया, जिससे पुल का एक छोर नदी में ढह गया। यह पुल दारौंदा प्रखंड अंतर्गत देवरिया और भीखा बांध गांव की सीमा पर स्थित है। पुल के जर्जर होने को लेकर आसपास के गांव के लोगों ने बीते 22 जून को विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद अधिकारियों ने इसकी मरम्मत भी करायी थी। बावजूद इसके बुधवार सुबह करीब 5 बजे पुल का एक पिलर नदी में धंस गया। बता दें कि बिहार में 10 दिन के भीतर पांचवां पुल धराशायी हुआ है।

वहीं गांव के लोगों द्वारा 22 जून को किये गए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने पथ निर्माण विभाग द्वारा सभी पुल का सर्वे कराया था। यह पुल गरौली से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते दिन हुई भारी बारिश के चलते पानी का स्तर बढ़ गया और पानी के बहाव तेज होने से पुल धंसकर गिर गया है।

वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने नहर की सफाई कराई थी। इस दौरान बिना मानक का ध्यान रखे नहर के किनारे जेसीबी से मिट्टी की कटाई की गई थी। जिसके चलते पिलर के किनारे से भी मिट्टी हटाई गई। इस पुल के गिर जाने से लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों का महाराजगंज मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद भी प्रशासन ने इस पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया।

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