भेड़ के लिए चारा उगाने के लिए लगाई थी आग; जला दिया जंगल! लाखों का हुआ नुकसान, अब सेना आग बुझाने के लिए जुटी

भेड़ के लिए चारा उगाने के लिए लगाई थी आग; जला दिया जंगल! लाखों का हुआ नुकसान, अब सेना आग बुझाने के लिए जुटी

 

नैनिताल के जंगल 36 घंटे से जल रहे हैं और अब तक कई हेक्टेयर के जंगल जलकर खाक हो चुके हैं। जंगल की आग को रोकने के लिए वन विभाग ने भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना से मदद मांगी है।

 

Nanital Fire - India TV Hindi

Image Source : PTI

नैनिताल के जंगलों में लगी आग

नैनिताल के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। शनिवार के दिन इस हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से पानी भरा और इसकी मदद से जंगल में लगी आग को काबू करने की कोशिश की जाएगी। नैनिताल के जंगल में लगी आग को 36 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक वन विभाग इसे काबू में नहीं कर पाया है। इसी वजह से वन विभाग ने भारतीय थल सेना और भारतीय वायुसेना से मदद मांगी है। इस आग ने अब तक नैनिताल में कई हेक्टेयर में फैले जंगल को जलाकर खाक कर दिया है।

जंगल में लगी आग अब रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई है। इसी वजह से इसे काबू करने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए। नैनी झील में नौकायान पर रोक लगा दी गई है। नैनीताल डिविजन के वन अधिकारी चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि मोरना रेंज के 40 कर्मी और दो फॉरेस्ट रेंजर आग बुझाने के काम पर लगा दिए गए हैं।

गर्माी के मौसम में जंगलों में आग लगना आम बात है। अक्सर पेड़ों के सूखे तने हवा चलने पर आपस में घिसते हैं और इससे आग लग जाती है। हालांकि, शुक्रवार को रूद्रप्रयाग में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो जंगल में आग लगाने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से एक युवक ने पूछताछ के दौरान कहा है कि भेड़ चराने के लिए उसे घास की जरूरत थी। इस वजह से उसने जंगल में आग लगा दी। उत्तराखंड में पिछले साल नवंबर से लेकर अब तक आग लगने के 575 मामले सामने आए हैं। इससे 589.89 हेक्टेयर के जंगल प्रभावित हुए हैं और सरकार को 14 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

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